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राजपाल यादव को कोर्ट ने कहा- पहले जेल जाइए, फिर सुनवाई करेंगे; अभिनेता ने किया आत्मसमर्पण
राजपाल यादव ने किया आत्मसमर्पण

राजपाल यादव को कोर्ट ने कहा- पहले जेल जाइए, फिर सुनवाई करेंगे; अभिनेता ने किया आत्मसमर्पण

Feb 05, 2026
07:16 pm

क्या है खबर?

चेक बाउंस मामले में फंसे मशहूर अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। दिल्ली हाई कोर्ट के सख्त रुख के बाद उन्होंने 5 फरवरी को दिल्ली की तिहाड़ जेल अधीक्षक के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने अभिनेता की याचिका पर सुनवाई करते हुए किसी भी तरह की राहत देने से साफ इनकार कर दिया और कहा कि कोर्ट अब कोई भी दलील सुनने से पहले उनके आत्मसमर्पण की पुष्टि चाहता है।

फैसला

25 लाख का प्रस्ताव ठुकराकर हाई कोर्ट ने कही ये बात

सरेंडर के बाद राजपाल ने व्यक्तिगत रूप से 25 लाख रुपये का चेक पेश कर कोर्ट से राहत की गुहार लगाई और बाकी रकम जल्द चुकाने का भरोसा दिया। हालांकि, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने उनकी दलील खारिज करते हुए सख्त लहजे में कहा कि किसी भी राहत पर विचार करने से पहले सरेंडर करना अनिवार्य है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब जेल जाने के बाद ही तय होगा कि उन्हें कोई रियायत मिलेगी या नहीं।

सुनवाई

कोर्ट ने कहा- कई मौके मिले, फिर भी नहीं निभाए वादे

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राजपाल को अब तक मिली राहत केवल उनके उन आश्वासनों पर आधारित थी, जिनमें उन्होंने शिकायतकर्ता कंपनी संग मामला सुलझाने और भुगतान करने का वादा किया था। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि जून 2024 में सजा पर रोक केवल मामले को सुलझाने के लिए लगाई गई थी, लेकिन बार-बार मौका दिए जाने के बाद भी उन्होंने अपने वादों को पूरा नहीं किया। लिहाजा कोर्ट ने उन्हें और मोहलत देने से इनकार कर दिया।

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बहाना

तकनीकी गलती का बहाना नहीं चला

अदालत ने डिमांड ड्राफ्ट में 'तकनीकी गलतियों' के बहानों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ये दलीलें गले उतरने वाली नहीं हैं। जज ने याद दिलाया कि बड़े वकीलों के जरिए कोर्ट में खुलेआम वादे किए गए थे, लेकिन बार-बार उल्लंघन किया गया। इसी के चलते कोर्ट ने राहत देने से मना कर दिया और रजिस्ट्रार के पास जमा पैसा शिकायतकर्ता कंपनी को सौंपने का आदेश देते हुए राजपाल यादव को जेल भेज दिया।

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मामला

5 करोड़ का कर्ज और 9 करोड़ की देनदारी, जानिए पूरा मामला

ये पूरा मामला साल 2010 में शुरू हुआ था। राजपाल अपनी फिल्म 'अता पता लापता' का निर्देशन कर रहे थे। फिल्म बनाने के लिए उन्होंने दिल्ली के एक बिजनेसमैन (मुरली प्रोजेक्ट्स कंपनी) से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था, जो ब्याज समेत 9 करोड़ हो गया। जब अभिनेता ने कर्ज चुकाने के लिए चेक दिए तो वो बैंक में बाउंस हो गए। इसके बाद बिजनेसमैन ने उनके खिलाफ धोखाधड़ी और चेक बाउंस का मुकदमा दर्ज कराया।

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