
पीयूष मिश्रा ने अभिनय के साथ लेखनी से भी किया कमाल, जानिए उनसे जुड़ीं खास बातें
क्या है खबर?
पीयूष मिश्रा हिंदी सिनेमा के वो सितारे हैं, जिन्होंने न सिर्फ अपने उम्दा प्रदर्शन बल्कि अपनी लेखनी से भी लोगों को दीवाना बनाया है।
दिल्ली से निकलकर मायानगरी मुंबई में पहुंच अपने सपनों को साकार करने वाले पीयूष की जिंदगी काफी उतार-चढ़ाव वाली रही है।
13 जनवरी, 1963 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जन्मे अभिनेता आज अपना 61वां जन्मदिन मना रहे हैं।
आइए इस खास मौके पर अभिनेता की जिंदगी से जुड़ी दिलचस्प बातें जानते हैं।
बचपन
बुआ ने लिया था पीयूष को गोद
यूं तो पीयूष अब लाखों-करोड़ों रुपये कमाते हैं, लेकिन बचपन में एक समय ऐसा भी था जब आर्थिक तंगी की वजह से वह अपनी बुआ के पास रहने लगे थे।
कहा जाता है कि पीयूष की बुआ की कोई संतान नहीं थी इसलिए उन्होंने अभिनेता को गोद ले लिया था।
अभिनेता को बचपन से कला में रुचि थी, लेकिन परिवार इसके खिलाफ था। ऐसे में वह किसी तरह ग्वालियर से निकले और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, दिल्ली में जा पहुंचे।
जानकारी
10वीं में बदलवाया अपना नाम
कहा जाता है पीयूष का नाम परिवार ने प्रियकांत शर्मा रखा था, लेकिन उन्हें यह पसंद नहीं था और न ही उनके अपनी बुआ के साथ अच्छे रिश्ते थे। ऐसे में 10वीं कक्षा में ही उन्होंने अपना नाम बदलकर पीयूष मिश्रा रख लिया।
परेशानी
शराब की लत ने बढ़ाई मुश्किलें
पीयूष के लिए बॉलीवुड में आना आसान नहीं थी और इसमें सबसे बड़ी मुश्किल उनकी शराब की लत थी।
1986 में कई स्टेज शो का हिस्सा बनने के बाद अभिनेता ने प्रिया नारायण से शादी की थी।
हालांकि, इसके बाद उन्हें शराब की लत गई, जिसने उनकी निजी जिंदगी में परेशानियां बढ़ा दीं।
ऐसे में उनकी पत्नी ने उन्हें एक संस्था में भेज दिया, जहां से लौटने के बाद अभिनेता की जिंदगी में अच्छा बदलाव हुआ।
पहचान
इस गाने ने दिलाई पहचान
पीयूष ने 1998 में मणिरत्नम की फिल्म 'दिल से' अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इसमें वह CBI अफसर के किरदार में नजर आए।
हालांकि, उन्हें पहचान 2004 में फिल्म 'ब्लैक फ्राइडे' के गाने 'अरे ओ रुक जा रे बंदे' से मिली।
इसके बाद उन्होंने फिल्म 'गुलाल' के लिए 'आरंभ है प्रचंड' और 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के लिए 'एक बगल में चांद होगा', जैसे शानदार गाने लिखे।
वह शायरी भी लिखते हैं, जो लोगों को काफी पसंद आती है।
अभिनय
इन फिल्मों में किया शानदार अभिनय
पीयूष ने कई शानदार फिल्मों में काम कर अपनी पहचान बनाई है। इनमें से कुछ के किरदार आज भी लोगों को काफी पसंद आते हैं।
अनुराग कश्यप की फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के रेत माफिया निसार अहमद का किरदार हो या 'पिंक' में अमिताभ बच्चन से कोर्ट में भिड़ते वकील प्रशांत मिश्रा का, उन्होंने हर भूमिका को बखूबी निभाया है।
'रॉकस्टार', 'तेरे बिन लादेन', 'गुलाल', 'मकबूल', 'द शौकीन्स' जैसे कई फिल्में पीयूष के बेहतरीन प्रदर्शन का सबूत हैं।