बेंगलुरु में चला बोत्तिचेल्ली का जादू, 4,500 साल पुराने मातृत्व के किस्से देख दंग रह जाएंगे
बेंगलुरु के नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (एन जी एम ए) में इन दिनों 'वन मदर, मेनी मदर टंग्स' नाम से एक नई प्रदर्शनी चल रही है।
इस प्रदर्शनी में बोत्तिचेल्ली की मशहूर 'मैडोना एंड चाइल्ड' पेंटिंग खास तौर पर प्रदर्शित है। इस पेंटिंग में वर्जिन मैरी को लाल और नीले रंग के कपड़ों में दिखाया गया है।
इस कलाकृति की खासियत इसकी पृष्ठभूमि है। अगर आप गौर से देखें, तो मैरी के पीछे क्रॉस जैसी वास्तुकला और पत्थर के गार्गोयल्स दिखाई देंगे, जो कई गहरी कहानियां बताते हैं।
प्रदर्शनी में दिखाई गई हैं मातृत्व से जुड़ी 26 कलाकृतियां
इस प्रदर्शनी को कला इतिहासकार और शिक्षाविद नमन आहूजा और इटालियन कल्चरल सेंटर के निदेशक एंड्रिया अनास्तासियो ने तैयार किया है। इसमें मातृत्व की महिमा दर्शाने वाली 26 अनोखी कलाकृतियां एक साथ देखने को मिलती हैं।
इनमें 4,500 साल पुरानी हड़प्पा काल की मूर्ति से लेकर भारतीय देवी-देवताओं की नक्काशी, जैसे चामुंडा और हरिती, तक शामिल हैं।
इसके अलावा, प्राचीन एट्रुस्कन लोगों द्वारा मेटर मेटुटा को दी गई श्रद्धांजलि भी यहां खास तौर पर रखी गई है। यह प्रदर्शनी 20 अगस्त से 20 सितंबर तक चलेगी।
इसे प्रेस्टीज ग्रुप का समर्थन मिला है, वहीं रेजवान रजाक का म्यूजियम ऑफ इंडियन पेपर मनी इसका सांस्कृतिक भागीदार है।