रणवीर सिंह पर कई धाराओं में FIR दर्ज, क्या है विवाद के पीछे की पूरी कहानी?
क्या है खबर?
बेबाक अभिनेता रणवीर सिंह अक्सर अपने अतरंगी अंदाज के लिए चर्चा में रहते हैं, लेकिन इस बार उनकी यही 'एनर्जी' उनके लिए गले की हड्डी बन गई है। गोवा में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (IFFI) के मंच पर जो कुछ भी हुआ, उसने देखते ही देखते एक कानूनी संग्राम का रूप ले लिया। फिल्म 'कांतारा' की तारीफ करने के चक्कर में रणवीर ने एक ऐसी टिप्पणी कर दी, जिसके चक्कर में अब मामला कोर्ट तक पहुंच चुका है।
शिकंजा
रणवीर पर कानूनी शिकंजा
बेंगलुरु पुलिस ने रणवीर के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर ली है, लेकिन सवाल उठता है कि क्या ये सिर्फ शब्दों का फेर था या फिर जानबूझकर किया गया अपमान? आखिर उस रात स्टेज पर रणवीर ने 'दैवा' को लेकर ऐसा क्या कह दिया कि प्रशंसकों की तालियां आक्रोश में बदल गईं? आइए जानते हैं उस विवादित बयान और उस हरकत की पूरी सच्चाई, जिसने 'बाजीराव' को अब पुलिस के कटघरे में खड़ा कर दिया है।
विवाद की जड़
आखिर कहां से शुरू हुआ विवाद?
घटना उस वक्त की है जब रणवीर सिंह मंच पर फिल्म 'कांतारा' और उसके निर्देशक ऋषभ शेट्टी की तारीफ कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के अनुसार, रणवीर ने फिल्म के मुख्य केंद्र 'दैवा' का जिक्र करते हुए उन्हें 'महिला भूत' कह दिया। इतना ही नहीं, रणवीर ने फिल्म के उस बेहद संवेदनशील और पवित्र अनुष्ठान के स्टेप्स और आवाजों की नकल करने की कोशिश की, जिसे तटीय कर्नाटक के लोग अपनी आस्था का सर्वोच्च प्रतीक मानते हैं।
अपमान
तुलु नाडु की आस्था पर चोट
कर्नाटक के तुलु नाडु क्षेत्र में 'दैवा' को भूत नहीं, बल्कि रक्षक देवता माना जाता है। 'भूत कोला' एक पवित्र धार्मिक अनुष्ठान है। आरोप है कि रणवीर सिंह ने इसे मजाकिया डांस के तौर पर पेश किया, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऋषभ शेट्टी पहले भी कई मौकों पर इस परंपरा को मनोरंजन के लिए इस्तेमाल न करने की बात कह चुके हैं। इसके बावजूद रणवीर का ये कृत्य लोगों को नागवार गुजरा।
धाराएं
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
बेंगलुरु पुलिस ने रणवीर पर धार्मिक भावनाएं आहत करने और समूहों के बीच विद्वेष फैलाने के आरोप में BNS की धारा 196, 299 और 302 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उनके कृत्य से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंची। मामले के बाद कर्नाटक के कई सांस्कृतिक संगठनों ने रणवीर से सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी की मांग की है। हालांकि, इस पर अभी तक रणवीर ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।