केंद्र सरकार ने चांदी के आयात पर बढ़ाई सख्ती, जानिए क्यों उठाया यह कदम
क्या है खबर?
केंद्र सरकार ने कीमती धातुओं के आयात को नियंत्रित करने के प्रयासों के बीच शनिवार को चांदी के आयात पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। इसके तहत कीमती धातु की कई श्रेणियों को 'मुक्त' आयात नीति से 'प्रतिबंधित' आयात नीति के अंतर्गत रखा गया है। अब चांदी से जुड़े विभिन्न उत्पादों के आयात के लिए सरकार की स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। सरकार ने बढ़ते आयात बिल को नियंत्रित करने के सरकारी प्रयासों के बीच यह कदम उठाया गया है।
अधिसूचना
सरकार ने क्या जारी की है अधिसूचना?
एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, संशोधित नियमों के तहत चांदी की छड़ों, बिना तराशी हुई चांदी और अर्ध-निर्मित चांदी के रूपों, जिनमें पाउडर के रूप में चांदी भी शामिल है, के आयात के लिए अब सरकार की अनिवार्य स्वीकृति आवश्यक होगी। चांदी के आयात की कुछ श्रेणियों को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अधीन भी कर दिया गया है। ये बदलाव ITC (HS) वर्गीकरण के तहत आयात नीति अनुसूची में संशोधन के माध्यम से किए गए हैं।
शुल्क
सरकार ने आयात शुल्क में की 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी
इससे पहले सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था। इसके साथ ही विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने अग्रिम प्राधिकरण योजना (AA) के तहत रत्न और आभूषण निर्यातकों द्वारा शुल्क-मुक्त सोने के आयात के लिए नियमों को सख्त कर दिया था। संशोधित ढांचे के तहत, AA के अंतर्गत सोने के आयात को प्रति लाइसेंस 100 किलोग्राम तक सीमित कर दिया जाएगा। यह सरकार की ओर बड़ा कदम रहा है।
आवेदन
आवेदन करने पर होगा अनिवार्य निरीक्षण
DGFT ने आयात के लिए आवश्यक लाइसेंस लेने के लिए पहली बार आवेदन करने वालों को अनुमोदन दिए जाने से पहले विनिर्माण सुविधाओं का अनिवार्य भौतिक निरीक्षण करवाना और दोबारा आवेदन करने वालों के लिए सख्त अनुपालन शर्तें भी लागू की हैं। इसके अलावा, शुल्क मुक्त सोना आयात करने वाले निर्यातकों को चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा प्रमाणित, आयात और निर्यात लेनदेन का विवरण देते हुए पाक्षिक रिपोर्ट जमा करनी होगी।
इजाफा
भारत में सोने के आयात में हुआ 24 प्रतिशत का इजाफा
सरकार ने ये सख्त नियम तब लागू किए गए हैं जब आयात की मात्रा कम होने के बावजूद भारत का सोने का आयात 2025-26 में 24 प्रतिशत से अधिक बढ़कर रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर (लगभग 6.91 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गया है। स्विट्जरलैंड सोने के आयात का सबसे बड़ा स्रोत बना रहा। अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण परिषद ने चेतावनी दी है कि उच्च शुल्क और सख्त प्रतिबंध अवैध बाजार गतिविधियों और तस्करी को बढ़ावा दे सकते हैं।