अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया पहली बार पहुंचा 93 के स्तर के पार
क्या है खबर?
भारतीय रुपये में गिरावट का सिलसिला थमता नहीं नजर आ रहा है। आज (20 मार्च) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया पहली बार 93 के स्तर के पार पहुंच गया है। शुरुआती कारोबार में रुपया 92.92 पर खुला और बाद में 93.08 तक कमजोर हो गया। इससे पहले यह 92.63 के स्तर तक ही गिरा था। लगातार गिरावट से बाजार में चिंता बढ़ गई है और अर्थव्यवस्था पर दबाव साफ दिखाई देने लगा है।
तेल कीमत
तेल की कीमतों से बढ़ा दबाव
रुपये पर दबाव की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी मानी जा रही है। मध्य पूर्व में तनाव और हमलों के कारण ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था। हालांकि, बाद में इसमें थोड़ी गिरावट आई, लेकिन कीमतें अब भी ऊंची बनी हुई हैं। भारत जैसे तेल आयात करने वाले देश के लिए यह स्थिति महंगाई और खर्च दोनों को बढ़ा रही है, जिससे रुपया कमजोर हो रहा है।
असर
विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर
रुपये में गिरावट की एक बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी है। मार्च महीने में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 8 अरब डॉलर (करीब 780 अरब रुपये) से ज्यादा की रकम निकाल ली है। सिर्फ एक दिन में ही उन्होंने हजारों करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। इससे डॉलर की मांग बढ़ी और रुपये पर दबाव और ज्यादा बढ़ गया, जिससे इसकी कीमत में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।
अनुमान
आने वाले दिनों का अनुमान
विशेषज्ञों का मानना है कि रुपये पर दबाव अभी कुछ समय तक और बना रह सकता है। उनका कहना है कि अगर डॉलर के मुकाबले रुपया 93 के ऊपर बना रहता है, तो इसमें और कमजोरी आ सकती है। वहीं 92.70 के आसपास कुछ सहारा मिल सकता है। कुल मिलाकर बाजार की स्थिति अनिश्चित बनी हुई है और निवेशकों को सावधानी से कदम उठाने की सलाह दी जा रही है।