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डिजिटल भुगतान के लिए अब सिर्फ OTP काफी नहीं, RBI ने बदले नियम
डिजिटल भुगतान के लिए अब सिर्फ OTP काफी नहीं

डिजिटल भुगतान के लिए अब सिर्फ OTP काफी नहीं, RBI ने बदले नियम

Apr 01, 2026
04:47 pm

क्या है खबर?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने साइबर ठगी को रोकने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। देश में डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और सुरक्षित बनाने के लिए आज (1 अप्रैल) से नए नियम लागू कर दिए गए हैं। अब हर ऑनलाइन पेमेंट में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूरी होगा। इसका सीधा असर UPI, डेबिट-क्रेडिट कार्ड और मोबाइल वॉलेट यूजर्स पर पड़ेगा, जिससे पेमेंट पहले से ज्यादा सुरक्षित लेकिन थोड़ा लंबा हो जाएगा।

वजह

OTP अब अकेले क्यों नहीं होगा काफी?

अब सिर्फ OTP के जरिए पेमेंट पूरा नहीं हो पाएगा। RBI के अनुसार OTP सिस्टम फिशिंग और सिम स्वैप जैसे फ्रॉड के लिए कमजोर साबित हुआ है। इसलिए अब OTP के साथ एक और सुरक्षा लेयर जरूरी होगी, जैसे PIN, पासवर्ड या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन। इसका मकसद यह है कि अगर OTP लीक भी हो जाए, तब भी ट्रांज़ैक्शन सुरक्षित रहे। इससे पेमेंट में सुरक्षा बढ़ेगी और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी।

रिस्क

ट्रांजैक्शन में रिस्क के हिसाब से चेक

नए नियमों में बैंक अब रिस्क के आधार पर ट्रांजैक्शन की जांच करेंगे। छोटे और रोजमर्रा के पेमेंट आसानी से पूरे हो सकते हैं, जबकि बड़े या नए डिवाइस से किए गए पेमेंट में अतिरिक्त वेरिफिकेशन लगेगा। इसके अलावा, नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI के लिए नई लिमिट भी तय की है, जैसे बैलेंस चेक और स्टेटस चेक की सीमा, ताकि सिस्टम पर दबाव कम हो सके।

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अन्य नियम

बैंकिंग, टिकट और अन्य नियम भी बदले

इन बदलावों के साथ बैंकिंग और अन्य सेवाओं में भी नए नियम लागू हुए हैं। ATM ट्रांजैक्शन, फास्टैग फीस और पैन कार्ड से जुड़े नियम बदले गए हैं। वहीं ट्रेन टिकट कैंसलेशन के नियम भी सख्त किए गए हैं, जिसमें 8 घंटे के अंदर कैंसिल करने पर रिफंड नहीं मिलेगा। इन सभी बदलावों का मकसद सिस्टम को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है, ताकि यूजर्स को बेहतर और सुरक्षित अनुभव मिल सके।

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