चंद्रशेखरन के पद छोड़ने से बदल गई एयर इंडिया की रणनीति
एयर इंडिया को दोबारा खड़ा करने की कोशिशों की अगुवाई करने वाले टाटा संस के प्रमुख एन चंद्रशेखरन फरवरी, 2027 में पद छोड़ देंगे।
उन्होंने एयर इंडिया को विस्तारा के साथ मिलाने और एयरलाइन को आधुनिक बनाने में अहम भूमिका निभाई, लेकिन इन सब कोशिशों के बावजूद टाटा के एयर इंडिया संभालने के बाद से वित्त वर्ष 2026 कंपनी के लिए सबसे मुश्किल साल रहा।
इस वित्त वर्ष में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस दोनों ने मिलकर 22,238 करोड़ रुपये का भारी घाटा दर्ज किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, बेड़े को आधुनिक बनाने और तकनीक को अपग्रेड करने के लिए टाटा ने करीब 40 करोड़ डॉलर (करीब 3,800 करोड़ रुपये) लगाने की प्रतिबद्धता जताई थी।
एयर इंडिया में CEO बदलने की प्रक्रिया शुरू
चंद्रशेखरन का कार्यकाल खत्म होना और एयर इंडिया में CEO का बदलाव दोनों एक ही समय पर हो रहे हैं। कैंपबेल विल्सन भी पद छोड़ने की तैयारी में हैं और उनकी जगह 5 अगस्त को तेवोल्डे गेब्रेमरियाम को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है।
एयरलाइन को तकनीकी समस्याओं और धीमी प्रगति से जूझना पड़ रहा है। लगातार बढ़ते घाटे और नए नेतृत्व के कमान संभालने के बीच एयर इंडिया का भविष्य अभी काफी अनिश्चित दिख रहा है।