मूडीज ने AI पर बैंकों की बढ़ती निर्भरता को लेकर दी चेतावनी
मूडीज ने बैंकों के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है। जनवरी में छपी ब्रिटेन के ट्रेजरी सलेक्ट कमेटी की एक रिपोर्ट बताती है कि लंदन के वित्तीय क्षेत्र की 75 फीसदी से ज्यादा कंपनियां अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर रही हैं।
बीमा कंपनियां और बड़े अंतरराष्ट्रीय बैंक इनमें सबसे आगे हैं, लेकिन रेटिंग एजेंसी का कहना है कि यह चलन बैंकों को कुछ ही तकनीकी कंपनियों पर बहुत ज्यादा निर्भर बना रहा है।
अगर, इनमें से कोई एक कंपनी भी नाकाम होती है तो पूरा सिस्टम खतरे में पड़ सकता है।
बैंक अब ओपन-सोर्स टूल्स पर दे रहे ध्यान
मूडीज ने बताया है कि बाहरी तकनीक पर निर्भर रहने से कई तरह के जोखिम सामने आते हैं, जैसे डाटा लीक, ऑनलाइन धोखाधड़ी (साइबर फ्रॉड) और ग्राहक भी अपना पैसा दूसरे बैंकों में ले जा सकते हैं।
उसका अनुमान है कि 2030 तक AI में इतनी क्षमता आ जाएगी कि वह एक ठीक-ठाक मिड-लेवल कर्मचारी का 20 फीसदी काम खुद कर पाएगा।
इन जोखिमों से बचने और सुरक्षित रहने के लिए अब बैंक ओपन-सोर्स टूल्स और पार्टनरशिप पर ध्यान दे रहे हैं। नियामक भी भविष्य में AI मॉडल स्टैक में कामकाज में मजबूती और थर्ड-पार्टी पर बहुत ज्यादा निर्भरता पर ज्यादा गौर कर सकते हैं। ऐसा इसलिए, ताकि कोई एक प्रोवाइडर काम करना बंद कर दे तो पूरे सिस्टम में कोई बड़ा व्यवधान न आए।