स्टार्टअप्स का राष्ट्रीय डाटाबेस बनाने के लिए MeitY ने 3 टेक कंपनियां कीं शॉर्टलिस्ट
क्या है खबर?
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने राष्ट्रीय स्टार्टअप डाटाबेस और स्टार्टअप रजिस्ट्री बनाने के लिए तीन टेक्नोलॉजी कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया है। बेंगलुरु की क्यूनोमियल टेक्नोलॉजीज और MLGS टेक्नोलॉजी के साथ कोलकाता की कोलारिस डेटा इंडिया अगले चरण में पहुंच गई हैं। इन तीनों कंपनियों ने तकनीकी मूल्यांकन में न्यूनतम 75 अंक हासिल किए हैं। अब इनके बीच फाइनेंशियल बिडिंग होगी, जिसके बाद परियोजना के लिए अंतिम तकनीकी भागीदार का चयन किया जाएगा।
मूल्यांकन
तकनीकी मूल्यांकन में क्यूनोमियल सबसे आगे
मंत्रालय की ओर से किए गए तकनीकी मूल्यांकन में क्यूनोमियल टेक्नोलॉजीज को सबसे अधिक 90 अंक मिले। इसके बाद MLGS टेक्नोलॉजी को 84 और कोलारिस डाटा इंडिया को 81 अंक प्राप्त हुए। मंत्रालय ने 18 जून को इन नतीजों को मंजूरी दे दी, जिससे तीनों कंपनियों की वित्तीय बोलियां खोलने का रास्ता साफ हो गया। शुरुआत में इस प्रक्रिया में 12 कंपनियां शामिल हुई थीं, लेकिन अंतिम चरण तक केवल तीन कंपनियां ही पहुंच सकीं।
प्लेटफॉर्म
क्या करेंगे ये तीनों प्लेटफॉर्म?
यह परियोजना सरकार समर्थित स्टार्टअप्स की पूरी जानकारी को एक डिजिटल मंच पर लाने का काम करेगी। इसमें स्टार्टअप संस्थापकों, उनकी तकनीक, पेटेंट, फंडिंग, इनक्यूबेटर से जुड़ाव, मेंटरशिप सहायता और सरकारी योजनाओं में भागीदारी से जुड़ा डाटा शामिल होगा। इसका मकसद स्टार्टअप्स की जानकारी को अलग-अलग जगहों पर रखने के बजाय एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है। इससे सरकार को स्टार्टअप इकोसिस्टम की निगरानी करने और विभिन्न योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने में आसानी होगी।
योग्यता
कई कंपनियां नहीं कर सकीं योग्यता पूरी
तकनीकी मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान कुछ कंपनियां निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर सकीं। दो कंपनियां अनुभव से जुड़े मानकों पर अयोग्य पाई गईं, जबकि एक कंपनी को नियमों के उल्लंघन के कारण बाहर कर दिया गया। इसके बाद नौ कंपनियों को तकनीकी प्रस्तुति के लिए बुलाया गया था। हालांकि, इनमें से एक कंपनी ने प्रस्तुति में हिस्सा नहीं लिया। पांच अन्य कंपनियां भी तय अंकों से पीछे रह गईं और अगले चरण में जगह नहीं बना सकीं।
अन्य
अब वित्तीय बोली से तय होगा अंतिम भागीदार
तकनीकी मूल्यांकन पूरा होने के बाद अब यह परियोजना वित्तीय बोली के चरण में पहुंच गई है। चुनी गई तीनों कंपनियां अपनी वित्तीय पेशकश देंगी और उसके आधार पर मंत्रालय अंतिम तकनीकी भागीदार का चयन करेगा। इस पहल का उद्देश्य मंत्रालय के दायरे में चल रहे स्टार्टअप कार्यक्रमों और इनोवेशन नेटवर्क को एक डिजिटल मंच पर जोड़ना है। इसके समानांतर, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग भी बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए अलग से भास्कर प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है।