जैगल के मुनाफे में पहली तिमाही में 33 फीसदी उछाल
जैगल के लिए वित्तीय वर्ष 2027 की शुरुआत मिली-जुली रही। पहली तिमाही में कंपनी का मुनाफा पिछले साल के मुकाबले 32.9 फीसदी गिरकर 17.53 करोड़ रुपये रह गया।
हालांकि, इसकी आमदनी 27.5 फीसदी की अच्छी बढ़ोतरी के साथ 423.26 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इसका मतलब है कि कंपनी ने कुल कमाई तो ज्यादा की है, लेकिन कुछ बढ़े हुए खर्चों और एकमुश्त खर्चों की वजह से उसके मुनाफे में कमी आई है।
डाइस अधिग्रहण के खर्चों से मार्जिन पर दबाव
पिछली तिमाही के मुकाबले कंपनी के मुनाफे में 56.8 फीसदी और आमदनी में 31.5 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसकी मुख्य वजह डाइस के अधिग्रहण पर हुए अतिरिक्त खर्चे हैं, जिनमें लेन-देन और स्थानांतरण शुल्क शामिल हैं।
इन्हीं और कुछ अन्य एकमुश्त वजहों से कंपनी के मार्जिन पर दबाव पड़ा है। हालांकि, सकारात्मक पक्ष यह रहा कि जैगल ने अपने अंतरराष्ट्रीय भुगतान कारोबार को मजबूत बनाने के लिए यूनोबेंक में 8 करोड़ रुपये का निवेश किया। साथ ही, उसके ग्राहकों की संख्या भी 18.6 फीसदी बढ़कर 40.2 लाख हो गई है। जैगल के संस्थापक और कार्यकारी अध्यक्ष राज पी नारायणम ने बताया है कि कंपनी भविष्य के विकास के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्मार्ट परिचालन पर पूरी तरह से निर्भर है।