ईरान-अमेरिका तनाव का असर, तेल बाजार में आई 48 लाख बैरल प्रतिदिन की कमी
क्या है खबर?
ईरान-अमेरिका के बीच तनाव का बड़ा असर अब वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिख रहा है। PL कैपिटल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तेल की सप्लाई में कमी आई है, जिससे कीमतों में तेजी और उतार-चढ़ाव बढ़ा है। खास तौर पर होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई रुकने से बड़ा असर पड़ा है। इस स्थिति में बाजार में संतुलन बिगड़ा हुआ है और आने वाले समय में इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ईंधन कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
सप्लाई
सप्लाई में कमी, कुछ हद तक हुई भरपाई
रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक तनाव से सप्लाई में करीब 1.5 करोड़ बैरल प्रति दिन की कमी आई है। हालांकि, इसका कुछ हिस्सा इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी द्वारा स्ट्रेटेजिक स्टॉक जारी करने और वैकल्पिक रास्तों से सप्लाई बढ़ाकर पूरा किया गया है। इसके बावजूद करीब 48 लाख बैरल प्रति दिन की कमी बनी हुई है। यह अंतर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, जिससे बाजार में दबाव और अनिश्चितता बनी हुई है।
मांग
मांग में कमी से संतुलन की उम्मीद
बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की बढ़ती कीमतों के कारण अब मांग में भी कमी आने लगी है। अनुमान है कि 2026 की दूसरी तिमाही में वैश्विक मांग घट सकती है। इसकी शुरुआत मिडिल ईस्ट और एशिया के क्षेत्रों से हो रही है। जैसे-जैसे कीमतें ऊंची रहेंगी, वैसे-वैसे अन्य देशों में भी मांग कम हो सकती है, जिससे बाजार में संतुलन धीरे-धीरे वापस आने की संभावना बढ़ेगी।
नए मौके
OMCs के लिए बन सकते हैं नए मौके
रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर मांग घटती है, तो इससे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है। इससे भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को फायदा मिल सकता है। कम कीमतों से इन कंपनियों के मार्जिन बेहतर हो सकते हैं। हालांकि, मांग में कमी से बिक्री पर कुछ असर पड़ सकता है, लेकिन कुल मिलाकर आने वाले समय में इन कंपनियों के लिए स्थिति बेहतर होने की उम्मीद जताई गई है।