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भारतीय रुपया पहली बार प्रति डॉलर 95 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा
भारतीय रुपया पहली बार 95 के निचले स्तर पर

भारतीय रुपया पहली बार प्रति डॉलर 95 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा

Mar 30, 2026
03:47 pm

क्या है खबर?

भारतीय रुपये में गिरावट का सिलसिला थमता नहीं नजर आ रहा है। ईरान युद्ध के बीच आज (30 मार्च) रुपया डॉलर के मुकाबले गिरकर नए रिकॉर्ड निचले स्तर 95.20 तक पहुंच गया है। यह दिनभर में करीब 0.3 प्रतिशत की गिरावट है। हालांकि, शुरुआत में रुपया मजबूत होकर खुला था, लेकिन यह तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी। बाजार में लगातार दबाव के कारण रुपये में कमजोरी बनी हुई है और निवेशकों की चिंता भी बढ़ती जा रही है।

असर

तेल की कीमत और वैश्विक तनाव असर

रुपये की गिरावट की बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है। ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है, जिससे भारत पर दबाव बढ़ रहा है। इसके साथ ही, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने बाजार में डर पैदा किया है। ऐसे हालात में निवेशक सुरक्षित विकल्प की ओर जाते हैं, जिससे डॉलर मजबूत होता है और रुपये जैसी करेंसी कमजोर पड़ जाती है।

बिकवाली

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी रुपये को कमजोर कर रही है। मार्च महीने में ही अरबों डॉलर का निवेश भारतीय बाजार से बाहर गया है। इससे डॉलर की मांग बढ़ी और रुपये पर दबाव आया। इसके साथ ही, कंपनियां भी अपने भुगतान के लिए ज्यादा डॉलर खरीद रही हैं, जिससे स्थिति और खराब हो रही है। इन सभी कारणों से रुपये की स्थिति कमजोर बनी हुई है और बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है।

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बाजार

RBI के कदम और बाजार की चाल

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए नियमों का भी बाजार पर असर पड़ा है। बैंकों की पोजीशन पर सीमा तय होने से बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आगे भी रुपये में तेजी से बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, RBI जरूरत पड़ने पर दखल दे सकता है। फिलहाल अनुमान है कि रुपया कुछ समय तक दबाव में रह सकता है, लेकिन हालात सुधरने पर इसमें सुधार भी संभव है।

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