भारतीय रुपया 94.24 तक गिरा, डॉलर के मुकाबले नया रिकॉर्ड निचला स्तर
क्या है खबर?
मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध के बीच भारतीय रुपया आज (27 मार्च) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 28 पैसे गिरकर 94.24 प्रति डॉलर पर आ गया। इससे पहले बुधवार को भी यह 29 पैसे गिरकर 94.05 तक पहुंच गया था। लगातार गिरावट से बाजार में चिंता बढ़ गई है और निवेशकों का भरोसा कमजोर होता नजर आ रहा है।
वजह
गिरावट की वजह क्या रही?
विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी निवेशकों का पैसा बाजार से बाहर जाना और ईरान संकट इसका बड़ा कारण है। इससे रुपये पर दबाव बना हुआ है और बाजार का माहौल भी प्रभावित हो रहा है। हालांकि डॉलर में कुछ नरमी और घरेलू शेयर बाजार में मजबूती के संकेत मिले, लेकिन इससे रुपये को ज्यादा सहारा नहीं मिला। लगातार कमजोरी के कारण निवेशकों में सावधानी बढ़ गई है और बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
असर
शेयर बाजार पर भी दिखा असर
रुपये की कमजोरी का असर शेयर बाजार पर भी साफ नजर आया है। कारोबार की शुरुआत में निफ्टी 23,100 के नीचे खुला और करीब 261 अंक गिर गया। वहीं सेंसेक्स भी 800 अंकों से ज्यादा टूटकर 74,438 के आसपास पहुंच गया। बाजार में यह गिरावट निवेशकों की चिंता और वैश्विक हालात के असर को दिखाती है, जिससे आने वाले दिनों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है और निवेशक सतर्क बने हुए हैं।
अनुमान
तेल कीमतों और आगे का अनुमान
इस बीच, ग्लोबल बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी देखने को मिली है। ब्रेंट क्रूड करीब 2 प्रतिशत गिरकर 105.75 डॉलर (लगभग 10,000 रुपये) प्रति बैरल पर आ गया, जबकि WTI भी घटकर 92.67 डॉलर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि रुपया फिलहाल 93.25 से 94.25 के बीच रह सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी इसे संभालने की कोशिश कर सकता है, ताकि ज्यादा गिरावट को रोका जा सके और स्थिरता बनी रहे।