AI पर अरबों खर्च करने वाली कंपनियों के मुनाफे में सुस्ती- गोल्डमैन सैक्स
अमेरिकी कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में खूब पैसा लगा रही हैं, लेकिन गोल्डमैन सैक्स का कहना है कि अभी इसका फायदा उनकी कमाई में साफ तौर पर नहीं दिख रहा है।
ये जरूर है कि इस निवेश से सीधा फायदा दिग्गज टेक, क्लाउड सेवा प्रदाता और AI इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां को मिल रहा है, उनकी कमाई में सालाना आधार पर 54 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
2026 की दूसरी तिमाही (Q2) में S&P 500 की कुल ग्रोथ में इनका योगदान लगभग आधा रहा। हालांकि, ज्यादातर दूसरे उद्योगों को इस बड़े टेक खर्च से अभी तक कोई खास आर्थिक लाभ नहीं मिला है।
हर कर्मचारी पर महीने का औसत AI खर्च बढ़ा
AI का बजट तेजी से बढ़ रहा है। साल की शुरुआत में हर कर्मचारी पर हर महीने का औसत AI खर्च 5 डॉलर (करीब 450 रुपये) था, जो जुलाई तक बढ़कर 12 डॉलर (करीब 1,100 रुपये) हो गया। S&P 500 की केवल 11 प्रतिशत कंपनियां ही कोडिंग या कस्टमर सपोर्ट जैसे कामों में अपनी उत्पादकता में असली बढ़ोतरी देख पाई हैं और इनमें से भी केवल 2 प्रतिशत कंपनियां ही इन सुधारों को अपनी बढ़ी हुई कमाई से सीधे तौर पर जोड़ पाई हैं। अभी AI इंफरेंस पर होने वाला खर्च S&P 500 की कुल कमाई के 0.5 प्रतिशत से भी कम है।
यह खर्च ज्यादातर मौजूदा बजट में फेरबदल करके पूरा किया जा रहा है, न कि नई कमाई से। फिर भी, जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे ज्यादा कंपनियां AI का बेहतर इस्तेमाल करना सीख जाएंगी, वैसे-वैसे इसके बड़े फायदे भी दिखने शुरू हो जाएंगे।