AI में करीब 90,000 अरब रुपये तक पहुंच सकता है निवेश, गोल्डमैन सैक्स का अनुमान
गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि इस साल के अंत तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर होने वाला निवेश करीब 1,000 अरब डॉलर (करीब 90,000 अरब रुपये) तक पहुंच जाएगा।
इसको उम्मीद है कि 2026 में दुनिया के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 0.9 फीसदी हिस्सा AI पर खर्च होगा, जो 2028 तक बढ़कर 1.4 फीसदी हो जाएगा।
यह दर्शाता है कि AI का आर्थिक असर लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका अकेले ही करीब 581 अरब डॉलर (करीब 55,000 अरब रुपये) का निवेश करेगा, जिसके साथ वह सबसे बड़ा निवेशक बन जाएगा।
यह अनुमान केवल बड़ी टेक कंपनियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें निजी कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों को भी शामिल किया गया है।
करीब 1.7 लाख अरब रुपये तक पहुंच सकता है कुल निवेश
2022 से शुरू हुआ AI पर कुल निवेश 2026 के आखिर तक करीब 1,800 अरब डॉलर (करीब 1.7 लाख अरब रुपये) तक पहुंचने की उम्मीद है।
गोल्डमैन सैक्स ने AI की बढ़ोतरी के कुछ साफ संकेत भी बताए हैं। इनमें ताइवान और दक्षिण कोरिया से सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग उपकरणों का आयात बढ़ना और GPU रेंटल की बढ़ी हुई कीमतें शामिल हैं। AI पर खर्च होने वाले हर डॉलर का हिसाब रखना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, क्योंकि अक्सर रिपोर्ट्स में जानकारी का दोहराव होता है।
हालांकि, गोल्डमैन सैक्स का कहना है कि कंपनी की कमाई और व्यापारिक डाटा से मिलान करने के बाद उनके आंकड़े सही पाए गए हैं।