इस हफ्ते 5 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा सोना, आखिर क्यों बढ़ रही कीमत?
क्या है खबर?
सोने की कीमतों में आज फिर तेज़ बढ़त देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर सोना 1.07 प्रतिशत चढ़कर 4,620.10 डॉलर प्रति औंस (करीब 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) पहुंच गया, जो 14 मई के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। घरेलू बाजार में भी अक्टूबर डिलीवरी वाला MCX सोना 0.85 प्रतिशत बढ़कर 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। इस तेजी के बीच निवेशकों की नजर अब सोने के अगले स्तर पर बनी हुई है।
डॉलर
डॉलर और बॉन्ड यील्ड में गिरावट
सोने में तेजी की बड़ी वजह अमेरिका में बॉन्ड यील्ड और डॉलर का कमजोर होना है।
अमेरिकी ट्रेजरी ने लंबी अवधि के कर्ज की बायबैक योजना बढ़ाने की घोषणा की, जिससे बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई। कम यील्ड से सोने में निवेश की लागत घटती है, इसलिए इसकी खरीदारी बढ़ी।
इस हफ्ते कीमती धातुओं में 5 प्रतिशत से ज्यादा तेजी आई है। इससे सोने को लगातार मजबूत सहारा मिला है और इसकी कीमतें ऊंचे स्तर पर पहुंची हैं।
चिंता
अमेरिकी कर्ज को लेकर बढ़ी चिंता
अमेरिकी सरकारी कर्ज और लगातार बढ़ते वित्तीय घाटे को लेकर चिंता भी सोने की मांग बढ़ा रही है।
कुल अमेरिकी कर्ज 40 लाख करोड़ डॉलर से ऊपर पहुंचने के बाद निवेशक करेंसी और सरकारी कर्ज के जोखिम से बचने के लिए सोने को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।
महंगाई और ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें भी कीमतों की दिशा प्रभावित कर रही हैं। इन वजहों से सोना लगातार ऊंचे स्तरों पर बना हुआ है और निवेश मांग मजबूत है।
अन्य
निवेशकों को इन बातों पर रखनी होगी नजर
आने वाले दिनों में निवेशकों को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़ी उम्मीदों, डॉलर और ट्रेजरी यील्ड पर नजर रखनी चाहिए।
इन संकेतकों में कमजोरी सोने को और समर्थन दे सकती है, जबकि तेज बढ़त मुनाफावसूली ला सकती है। भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी महत्वपूर्ण रहेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचे स्तर पर जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचना बेहतर है। मौजूदा निवेशक होल्ड कर सकते हैं, जबकि नए निवेशक गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी कर सकते हैं।