इक्विरस ने बताया 2036 में भारत की अर्थव्यवस्था 19 लाख अरब रुपये तक पहुंचने का रास्ता
इक्विरस के मुताबिक, अगर देश की अर्थव्यवस्था तेज रफ्तार से बढ़ती रहे और रुपया मजबूत बना रहता है तो भारत 2036 तक 20,000 अरब डॉलर (करीब 19 लाख अरब रुपये) की अर्थव्यवस्था बन सकता है। अभी हम लगभग 3,700 अरब डॉलर (करीब 3.5 लाख अरब रुपये) के आस-पास हैं, ऐसे में यह एक बहुत बड़ी छलांग मानी जाएगी। इसके लिए 20 सुधारों का एक रोडमैप भी तैयार किया गया है। जैसे ईंधन को सेवा एवं सेवा कर (GST) के दायरे में लाना, भारतीय रेलवे को सूचीबद्ध करवाना और टैक्स में बदलाव करके कंपनियों के लिए वर्किंग कैपिटल को आसान बनाना शामिल हैं।
नेशनल ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर पॉलिसी बनाने की जरूरत
सर्विसेज सेक्टर को तेजी से आगे बढ़ना होगा। साथ ही, इसकी हिस्सेदारी मौजूदा 54 फीसदी से बढ़कर अर्थव्यवस्था के 65 फीसदी से ज्यादा होनी चाहिए।
इक्विरस के मुताबिक, एक नेशनल ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी बनाई जानी चाहिए। इसका लक्ष्य GCCs की संख्या को 1,800 से बढ़ाकर 5,000 करना होगा।
ऐसा करने से अर्थव्यवस्था पर 470-600 अरब डॉलर (करीब 45,000-57,000 अरब रुपये) का आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है और 2-2.5 करोड़ नए रोजगार के अवसर सृजित हो सकते हैं, लेकिन इस 20,000 अरब डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचना केवल बड़े-बड़े विचारों या वादों से नहीं, बल्कि सभी क्षेत्रों में ठोस और सही काम करने से ही संभव होगा।