ED ने अनिल अंबानी समूह की कंपनियों के खिलाफ दाखिल की 2 चार्जशीट
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (RAAG) की कंपनियों और उसके कुछ पूर्व अधिकारियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के 2 अलग-अलग मामलों में अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है।
एक मामले में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और उसके पूर्व निदेशक सतीश सेठ को नामजद किया गया है, जो फिलहाल जेल में हैं।
दूसरी चार्जशीट में रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM), रिलायंस टेलीकॉम और RAAG के कई अन्य पूर्व अधिकारियों से जुड़े पुराने आरोपों को शामिल किया गया है।
RCOM में हुआ बड़ा घोटाला
ED का कहना है कि हाईवे प्रोजेक्ट्स के लिए तय किए गए 187 करोड़ रुपये को नकली कंपनियों और दस्तावेजों का इस्तेमाल करके चुपके से डाइवर्ट कर दिया गया था।
जांच में सामने आया है कि इस रकम के बराबर की जमीन और शेयर अब तक अटैच किए जा चुके हैं, वहीं RCOM से जुड़े मामले में तो हेरफेर और भी बड़े स्तर पर हुआ। इसमें 40,185 करोड़ रुपये का गलत इस्तेमाल किया गया था।
आरोप है कि नकली क्रेडिट डील्स का सहारा लेकर यह पैसा निकाला गया। इस मामले में 8,078 करोड़ रुपये के एसेट्स भी अटैच किए गए हैं।
जांच अभी भी चल रही है और ED का दावा है कि इस पैसे का कुछ हिस्सा निजी खरीदारी में और कंपनी के मुनाफे को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया गया था।