होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही धीमी पड़ने से तेल आपूर्ति की चिंता बढ़ी
सोमवार (17 अगस्त) को कच्चे तेल की कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। हालांकि, तेल व्यापार के सबसे अहम रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में आई कमी ने चिंताएं बढ़ा दी हैं। पिछले सप्ताह टैंकरों पर हुए हमलों और सऊदी अरब की एक रिफाइनरी पर हुई घटना के बाद कच्चे तेल में 5 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया था, जिसके चलते ब्रेंट क्रूड की कीमत 88.89 डॉलर (करीब 8,400 रुपये) प्रति बैरल तक पहुंच गई और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 82.57 डॉलर (करीब 7,800 रुपये) पर कारोबार कर रहा था।
UAE ने टैंकरों पर हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया
यह जलडमरूमध्य आमतौर पर काफी व्यस्त रहता है, जहां से दुनिया के कुल कच्चे तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस का लगभग 5वां हिस्सा गुजरता है, लेकिन इस शनिवार को यहां से केवल 5 जहाज गुजरे और रविवार को तो एक भी नहीं।
यह संख्या पिछले सप्ताह के 31 जहाजों के मुकाबले काफी कम है। होर्मुज में यह सुस्ती हाल ही में टैंकरों पर हमलों के बाद आई है।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पहले भी अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) के जहाजों से जुड़ी 2 और घटनाओं के लिए ईरान को ही जिम्मेदार ठहराया था।
अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत थमी
अमेरिका और ईरान के बीच हालात सुधारने की कोशिशें फिलहाल थम गई हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघी ने बताया कि वाशिंगटन के साथ उनकी बातचीत अभी भी ठप पड़ी है। तेहरान ने अभी तक वाशिंगटन के साथ फिर से बातचीत शुरू करने का कोई फैसला नहीं लिया है।
ऐसे में अगर, हालात जल्द नहीं सुधरते तो तेल की आपूर्ति में बड़ी समस्या आ सकती है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं और बढ़ा दी हैं।