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एजुकेशन लोन लेते समय भूलकर भी न करें ये बड़ी गलतियां
एजुकेशन लोन लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

एजुकेशन लोन लेते समय भूलकर भी न करें ये बड़ी गलतियां

Jun 25, 2026
08:32 am

क्या है खबर?

आज के समय में उच्च शिक्षा की बढ़ती लागत के कारण बड़ी संख्या में छात्र एजुकेशन लोन का सहारा ले रहे हैं। हालांकि, जल्दबाजी में लिया गया गलत फैसला आगे चलकर आर्थिक बोझ बढ़ा सकता है। लोन लेने से पहले उसकी शर्तों, ब्याज दर और चुकाने की योजना को अच्छी तरह समझना जरूरी है। सही जानकारी के साथ लिया गया एजुकेशन लोन पढ़ाई पूरी होने के बाद वित्तीय परेशानियों से बचाने में मदद कर सकता है।

#1

जरूरत से ज्यादा लोन लेने से बचें

लोन देने वाली संस्था ज्यादा रकम देने के लिए तैयार हो, तब भी केवल उतना ही कर्ज लें, जितनी वास्तव में जरूरत है। ट्यूशन फीस, रहने का खर्च, किताबें और दूसरे जरूरी खर्चों का पहले से अनुमान लगा लें। जरूरत से ज्यादा रकम लेने पर बाद में अधिक ब्याज के साथ उसे चुकाना पड़ता है। इसके साथ ही, केवल कम ब्याज दर देखकर फैसला न करें, बल्कि प्रोसेसिंग फीस, इंश्योरेंस और अन्य शर्तों पर भी ध्यान दें।

#2

मोरेटोरियम और रीपेमेंट नियम समझें

ज्यादातर एजुकेशन लोन में पढ़ाई के दौरान EMI नहीं देनी पड़ती, जिसे मोरेटोरियम पीरियड कहा जाता है। कई मामलों में इस दौरान ब्याज बढ़ता रहता है, जिससे कुल बकाया राशि बढ़ जाती है। इसलिए लोन लेने से पहले यह समझ लें कि मोरेटोरियम के दौरान ब्याज कैसे जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, पढ़ाई पूरी होने के बाद संभावित आय और EMI चुकाने की क्षमता का भी पहले से अनुमान लगाना चाहिए।

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#3

एग्रीमेंट पढ़ें और EMI समय पर भरें

लोन मंजूर होने के बाद बिना पढ़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करना बड़ी गलती साबित हो सकता है। एग्रीमेंट में ब्याज की गणना, अतिरिक्त शुल्क, समय से पहले भुगतान के नियम और उधारकर्ता की जिम्मेदारियों की पूरी जानकारी दी जाती है। इसे ध्यान से पढ़ना जरूरी है। वहीं, EMI शुरू होने के बाद भुगतान में देरी या किस्त छूटने से अतिरिक्त शुल्क लग सकता है और क्रेडिट स्कोर पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।

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