अल्फाबेट 2026 में AI पर अपना खर्च करेगी दोगुना, 17,000 अरब रुपये निवेश का ऐलान
क्या है खबर?
गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में आगे बने रहने के लिए इस साल बड़े स्तर पर खर्च करने की योजना बना रही है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सुंदर पिचई ने बताया है कि 2026 में कंपनी अपना खर्च दोगुना करेगी। अल्फाबेट का लक्ष्य AI की बढ़ती प्रतिस्पर्धा में मजबूत बने रहना है। इसी रणनीति के तहत कंपनी तकनीक, डाटा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर अब पहले से कहीं ज्यादा निवेश करने जा रही है।
खर्च
2026 में कितना खर्च करेगी कंपनी?
पिचई के अनुसार, अल्फाबेट 2026 में 175-185 अरब डॉलर (लगभग 16,000-17,000 अरब रुपये) तक का कैपिटल खर्च करने की तैयारी में है। यह रकम 2025 में किए गए करीब 91.5 अरब डॉलर के खर्च से लगभग दोगुनी है। कंपनी का कहना है कि यह निवेश ग्राहकों की बढ़ती मांग को पूरा करने और नए अवसरों का लाभ उठाने के लिए जरूरी है। AI से जुड़ी सेवाओं में बढ़ती कमाई ने कंपनी को यह बड़ा फैसला लेने का भरोसा दिया है।
निवेश
कहां किया जाएगा निवेश?
कंपनी की मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) अनात अश्केनाजी ने बताया कि यह पैसा मुख्य रूप से AI कंप्यूट क्षमता बढ़ाने में लगाया जाएगा। इससे गूगल डीपमाइंड के उन्नत AI मॉडल, बेहतर यूजर अनुभव और विज्ञापन सेवाओं को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही, गूगल क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को भी विस्तार दिया जाएगा। खास तौर पर एंटरप्राइज AI सेवाओं और क्लाउड प्लेटफॉर्म की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिसे पूरा करने पर फोकस रहेगा।
अन्य
मजबूत कमाई से मिला निवेश का भरोसा
गूगल की मजबूत वित्तीय स्थिति भी इस बड़े निवेश की वजह बनी है। 2025 में कंपनी का कुल सालाना राजस्व पहली बार 400 अरब डॉलर (लगभग 36,000 अरब रुपये) के पार पहुंच गया। गूगल क्लाउड की कमाई में तेज उछाल देखा गया और AI से जुड़े उत्पादों को जबरदस्त अपनाया गया। जेमिनी जैसे AI मॉडल, यूट्यूब और सब्सक्रिप्शन सेवाओं से बढ़ती आय ने कंपनी को भरोसा दिया है कि AI पर खर्च भविष्य में और ज्यादा फायदा देगा।