भारत में वित्त वर्ष 2031 तक यूज्ड कारों की बिक्री पहुंच सकती है 1 करोड़
क्या है खबर?
भारत का यूज्ड कार बाजार वित्त वर्ष 2031 तक सालाना बिक्री के मामले में 90 लाख से 1 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2026 में 60 लाख था। रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स के अनुसार, बाजार का मूल्य लगभग दोगुना होकर 68-78 अरब डॉलर (लगभग 6.5 लाख करोड़-7.5 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंचने की उम्मीद है। इस दशक के अंत तक अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा यूज्ड कार बाजार बन सकता है।
कारण
इस कारण होगी वृद्धि
बाजार के विस्तार के प्रमुख कारणों में से एक भारतीय कार खरीदारों के बीच स्वामित्व चक्र का छोटा होना है। ऑटोकार प्रोफेशनल से बात करते हुए रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स के एसोसिएट पार्टनर कुशल भटनागर ने कहा कि कार बदलने का औसत चक्र 7-8 साल से घटकर लगभग 5-6 साल हो गया है और इस दशक के अंत तक यह 4-5 साल तक कम हो सकता है। इससे नई प्री-ओन्ड कारों की आपूर्ति बढ़ने, खरीदारों का विश्वास बढ़ाने की उम्मीद है।
कीमत
औसत कीमत में होगी वृद्धि
यूज्ड कार खरीदने वालों में लगभग 65 प्रतिशत पहली बार गाड़ी खरीदने वाले हैं। SUV की ओर बढ़ते रुझान से यूज्ड कारों की औसत बिक्री कीमत में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जो वर्तमान में लगभग 5 लाख रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2031 तक लगभग 65-69 लाख रुपये हो जाएगी। दूसरी तरफ हैचबैक कारों की हिस्सेदारी धीरे-धीरे घटने की संभावना जताई गई है, जो नई कारों के बाजार में पहले से ही देखे जा रहे बदलाव को दर्शाती है।