टाटा मोटर्स अपनी गाड़ियों को बदलने के लिए कैसे कर रही AI का इस्तेमाल?
क्या है खबर?
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट (TMPV's) में अपनी ग्रोथ स्ट्रैटेजी के मुख्य हिस्से के तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर रही है। कंपनी प्रोडक्ट डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग, क्वालिटी कंट्रोल, बिक्री के बाद की सर्विस और वर्कफोर्स मैनेजमेंट में AI का इस्तेमाल कर रही है। यह डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम सिर्फ फैक्ट्री ऑटोमेशन से कहीं आगे है। यह ऐसे दौर में AI को प्रतिस्पर्धा में आगे रखना जरूरी बनाता है, जब गाड़ियां ज्यादा कनेक्टेड और डाटा-आधारित होती जा रही हैं।
मदद
ग्राहकों की राय जानने में ले रही मदद
कार निर्माता ने AI एजेंट्स का एक इन-हाउस नेटवर्क लगाया है, जिसने अकेले पिछले साल सोशल मीडिया, वीडियो और ऑनलाइन बातचीत पर 1.6 अरब से ज्यादा कस्टमर इंटरैक्शन का विश्लेषण किया है। यह सिस्टम कंपनी को ग्राहक की राय जानने, नए ट्रेंड्स की पहचान करने, प्रतिस्पर्धियों की तुलना करने और मार्केटिंग को बेहतर बनाने में मदद करता है। साथ ही प्रोडक्ट प्लानिंग और बिजनेस से जुड़े फैसलों के लिए जरूरी जानकारी भी देता है।
SDVs
बेहतर फीचर पेश करने में मिल रही सहायता
भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनी 'सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल्स' (SDVs) के विकास में तेजी ला रही है, जो उसकी अगली जनरेशन की पैसेंजर कारों की रीढ़ बनेंगे। एनवीडिया के साथ कंपनी की साझेदारी से एडवांस्ड ड्राइवर-असिस्टेंस सिस्टम (ADAS), AI-पावर्ड व्हीकल फीचर्स और कनेक्टेड टेक्नोलॉजीज को विकसित करने में मदद मिल रही है, जिन्हें 'ओवर-द-एयर' सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए अपडेट किया जा सकता है। आने वाला 't.idal' सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर भविष्य के प्रोडक्ट्स के लिए डिजिटल बैकबोन का काम करेगा।
उत्पादन
उत्पादन को बेहतर करने में हो रहा इस्तेमाल
कंपनी ने उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर करने, उत्पादन की क्षमता बढ़ाने और कर्मचारियों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अपने कामकाज में AI का इस्तेमाल बढ़ाया है। निर्माण के काम में कंपनी ने AI-पावर्ड विजन सिस्टम, कंडीशन-बेस्ड मॉनिटरिंग टूल और डिजिटल क्वालिटी-कंट्रोल प्लेटफॉर्म लगाए हैं। इनका मकसद कमियों का जल्दी पता लगाना और प्रोडक्शन लाइनों में एक जैसा स्टैंडर्ड बनाए रखना है। इन सिस्टम का इस्तेमाल उत्पादन से लेकर ग्राहकों तक गाड़ी पहुंचाने तक किया जा रहा है।