पहली फेरारी लूसे नीलामी में रिकॉर्ड करीब 380 करोड़ रुपये में बिकी
क्या है खबर?
फेरारी की पहली इलेक्ट्रिक कार लूसे मोंटेरे में RM सोथबी की नीलामी में 4 करोड़ डॉलर (करीब 380 करोड़ रुपये) की भारी कीमत पर बिकी है। यह कीमत नीलामी से पहले लगाए गए 11 लाख डॉलर (करीब 10.5 करोड़ रुपये) के अनुमान से 36 गुना से ज्यादा और आधिकारिक कीमत से लगभग 62 गुना ज्यादा है। इससे मिली पूरी रकम दान कर दी जाएगी और इस कार को एक अमेरिकी ऑप्टोमेट्रिस्ट और इन्वेस्टर डॉ. हर्बर्ट वर्थाइम खरीदा है।
खासियत
अलग-अलग रोशनी में बदल जाता है कार का रंग
'चेसिस 0' नाम की यह कार लूसे प्रोग्राम की पहली प्रोडक्शन यूनिट है। इसमें खास 'माद्रेपर्ला सेमी-ग्लॉस' पेंट का इस्तेमाल किया गया है, जो अलग-अलग रोशनी में हरे से बैंगनी रंग में बदल जाता है।
इसका इंटीरियर 'पर्ला' रंग के ले मैन्स मेटैलिक लेदर और 'ग्रिगियो कोरवारा' एक्सेंट से बना है।
यह पहली बार है, जब लूसे के इंटीरियर में काले रंग की जगह किसी और रंग का इस्तेमाल किया गया है।
डिलीवरी
कब होगी इस कार की डिलीवरी?
कार को फाइनल असेंबली के लिए मारानेलो वापस भेजा जाएगा और इसकी डिलीवरी 2027 की पहली तिमाही में तय की गई है।
लूसे को ऐपल के पूर्व डिजाइन प्रमुख जॉनी आइव के स्टूडियो लवफाॅर्म के साथ मिलकर डिजाइन किया गया था। इस कार में 1,000hp से ज्यादा की पावर और 4 दरवाजे हैं।
इस ऐतिहासिक बिक्री से मिलने वाली रकम फेरारी फाउंडेशन को जाएगी, जो शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों के लिए फंड देती है।