नई कार खरीदने के बाद शुरुआती दिनों में न करें ये गलतियां
क्या है खबर?
नई कार खरीदने के बाद शुरुआती कुछ हजार किलोमीटर का समय रन-इन पीरियड कहलाता है। इस दौरान इंजन और उसके दूसरे पुर्जे धीरे-धीरे एक-दूसरे के साथ बेहतर तरीके से काम करना शुरू करते हैं। ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस समय कार का सही इस्तेमाल आगे चलकर उसकी परफॉर्मेंस, माइलेज और इंजन की उम्र पर अच्छा असर डाल सकता है। इसलिए नई कार मिलने के बाद शुरुआती दिनों में कुछ खास सावधानियां बरतना जरूरी माना जाता है।
#1
शुरुआत में तेज रफ्तार और ज्यादा RPM से बचें
रन-इन पीरियड के दौरान कार को बहुत तेज रफ्तार पर चलाने से बचना चाहिए। लगातार हाई स्पीड और ज्यादा RPM पर इंजन चलाने से उसके पुर्जों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि शुरुआत में कार को मध्यम गति पर चलाएं और इंजन को धीरे-धीरे अलग-अलग स्पीड पर काम करने का मौका दें। इससे इंजन के अंदर मौजूद हिस्से सही तरीके से सेट हो पाते हैं और उनकी कार्यक्षमता बेहतर बनती है।
#2
एक जैसी स्पीड पर लंबे समय तक गाड़ी न चलाएं
नई कार को लंबे समय तक एक ही स्पीड पर चलाना भी सही नहीं माना जाता है। कोशिश करें कि ड्राइविंग के दौरान समय-समय पर गति बदलते रहें। इसके अलावा अचानक तेज एक्सेलरेशन और जोरदार ब्रेक लगाने से भी बचना चाहिए। कार में जरूरत से ज्यादा वजन लादने या शुरुआती दिनों में भारी ट्रेलर खींचने से भी परहेज करना चाहिए। इससे इंजन और ट्रांसमिशन सिस्टम पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता है।
#3
सर्विस शेड्यूल और जरूरी जांच को नजरअंदाज न करें
रन-इन पीरियड के दौरान कंपनी द्वारा तय पहली सर्विस को समय पर करवाना बहुत जरूरी होता है। इस दौरान इंजन ऑयल, फिल्टर और अन्य जरूरी हिस्सों की जांच की जाती है। अगर कार में कोई असामान्य आवाज, कंपन या चेतावनी संकेत दिखाई दे, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शुरुआती दिनों में सही देखभाल करने से कार की परफॉर्मेंस लंबे समय तक अच्छी बनी रहती है और भविष्य में बड़े खर्चों से भी बचा जा सकता है।