सऊदी अरब के साथ बढ़ते तनाव के बीच हूती विद्रोही चीनी पुर्जों से बना रहे मिसाइलें
क्या है खबर?
सऊदी अरब के साथ संघर्ष के बीच यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोही चीनी पुर्जों से बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली विकसित कर रहे हैं। यह खुलासा कॉन्फ्लिक्ट आर्मामेंट रिसर्च (CAR) की एक नई रिपोर्ट में हुआ है। CAR ने बताया कि हूती चीन निर्मित घटकों से मिसाइल बनाकर सऊदी और इजरायल में लक्ष्यों पर सटीक हमला करना चाहते हैं। यह रिपोर्ट बुधवार 14 अक्टूबर को जारी हुई है। संदिग्ध मिसाइल घटकों से भरी 2 खेप यमनी अधिकारियों ने जब्त की है।
कार्रवाई
ईरान जैसी मारक क्षमता वाली मिसाइल बनाने की तैयारी
एसोसिएटेड प्रेस (AP) ने बताया कि जो उपकरण जब्त किए गए हैं, वह चीन से आए थे और इन्हें यमन के हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले बंदरगाह होदेइदाह तक पहुंचाया जाना था।
शोधकर्ताओं ने कहा कि इन पुर्जों से हूती को ईरान की खेइबर शेकान जैसी मिसाइल बनाने में मदद मिल सकती है, जो लगभग 2,000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली एक सटीक निर्देशित बैलिस्टिक मिसाइल है।
इस खुलासे ने सऊदी अरब और इजरायल की नींद उड़ा दी है।
रिपोर्ट
मिसाइल उत्पादन से जुड़े ये पुर्जे मिले
सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक के अनुसार, खेप में मिसाइल उत्पादन से जुड़े कई पुर्जे स्टेबिलाइजिंग फिन कोर, नोजल अटैचमेंट के साथ रॉकेट मोटर क्लोजर और रॉकेट मोटर इग्नाइटर शामिल थे।
कार्गो में फेनोलिक रेजिन भी था, जो वायुमंडल में उड़ान के दौरान मिसाइलों की सुरक्षा करने वाले हीट शील्ड बनाने में इस्तेमाल होने वाला पदार्थ है।
इससे पता चला है कि हूती विदेश से हथियारों की आपूर्ति पर निर्भर नहीं हैं बल्कि खुद भी क्षमता विकसित कर रहे हैं।
जवाब
चीन ने क्या जवाब दिया?
इस खुलासे पर वाशिंगटन स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू चांग ने कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा कि बीजिंग अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को पूरा कर रहा है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चीन सैन्य और दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं के निर्यात को सावधानीपूर्वक नियंत्रित करता है।
चीन के सऊदी और ईरान के साथ महत्वपूर्ण आर्थिक संबंध हैं। उसने 2023 में दोनों देशों के बीच सुलह कराने की कोशिश की थी और हूती हमलों की निंदा की है।
हथियार
हूती के पास कैसे हैं हथियार?
हूती को अधिकतर हथियारों की आपूर्ति ईरान और उसके समर्थित समूहों से होती है। हालांकि, पिछले कुछ सालों में हूतियों ने यमन सेना से जब्त पुराने हथियारों से ज्यादा उन्नत हथियार विकसित किए हैं।
उसने इजराल समेत तमाम क्षेत्रीय लक्ष्यों पर बैलिस्टिक मिसाइल और लंबी ड्रोन का इस्तेमाल किया है। ईरान हथियारों के डिजाइन और पुर्जों का प्रमुख स्रोत रहा है।
इसने सऊदी समेत खाड़ी देशों की चिंता बढ़ा दी है।