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पुतिन ने यूक्रेन युद्ध के लिए ट्रंप-शी के साथ त्रिपक्षीय सम्मेलन का प्रस्ताव रखा, जेलेंस्की किनारे
पुतिन ने यूक्रेन युद्ध के लिए ट्रंप-शी के साथ त्रिपक्षीय सम्मेलन का प्रस्ताव रखा

पुतिन ने यूक्रेन युद्ध के लिए ट्रंप-शी के साथ त्रिपक्षीय सम्मेलन का प्रस्ताव रखा, जेलेंस्की किनारे

लेखन गजेंद्र
Oct 19, 2026
10:11 am

क्या है खबर?

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध पर चर्चा के लिए अगले महीने त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, इससे यूक्रेन को बाहर रखा गया है। वॉल स्ट्रीट जनरल के मुताबिक, पुतिन ने युद्ध पर चर्चा और मॉस्को के लिए अनुकूल शर्तों पर संघर्ष को समाप्त करने के तरीकों का पता लगाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी नेता शी जिनपिंग को इसमें बुलाया है। अभी सम्मेलन की तारीख तय नहीं है।

प्रस्ताव

पुति ने 9 अक्टूबर को रखा था प्रस्ताव

रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन ने 9 अक्टूबर को राष्ट्रपति ट्रंप के साथ फोन पर बातचीत की थी, जिसमें यह प्रस्ताव रखा था।

पुतिन ने सुझाव दिया है कि यह त्रिपक्षीय बैठक 18-19 नवंबर को चीन के शेन्जेन में होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित की जाए।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने संभावित बैठक की पुष्टि की। हालांकि, बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं की तीनों पक्ष ऐसी बैठक को स्वीकार करते हैं या नहीं।

बैठक

चीन और अमेरिका ने क्या कहा?

रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया गया कि ट्रंप ने सम्मेलन के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है, लेकिन संभावना है कि वे युद्ध समाप्त कराने के लिए इसमें दिलचस्पी दिखाएं।

रूसी अधिकारियों ने राजनयिक चैनलों से बीजिंग के साथ प्रस्ताव पर चर्चा की है।

मॉस्को और बीजिंग के बीच हाल की बातचीत से परिचित सूत्रों ने बताया कि चीन ने संकेत दिया है कि यदि ट्रंप इस पर सहमत होते हैं तो वह विरोध नहीं करेगा।

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चिंता

यूक्रेन के लिए क्यों है चिंता की बात?

यह प्रस्तावित सम्मेलन तब हो रहा है, जब हाल में अमेरिका और रूस के बीच में ऊर्जा संबंधी चर्चाएं शुरू हुई हैं और व्यापार पर सहमति बनी है।

पुतिन के साथ 9 अक्टूबर को बातचीत के बाद ट्रंप ने घोषणा की कि रूस 3 लाख टन से अधिक डीजल की आपूर्ति करेगा।

रूस पर प्रतिबंध लगाने वाला अमेरिका अब खुद रूस के साथ व्यापार करने में आगे आया है, जिससे यूक्रेन की चिंता बढ़ गई है।

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