इमरान खान को अस्पताल भेजने पर नहीं लगेगी रोक, पाकिस्तान सरकार की याचिका कोर्ट में खारिज
क्या है खबर?
पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के मामले में सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने इमरान को इलाज के लिए इस्लामाबाद के शिफा अंतरराष्ट्रीय अस्पताल भेजने का आदेश दिया था, जिसे पाकिस्तान सरकार ने पुनर्विचार याचिका दायर कर चुनौती दी थी। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर आपत्ति जताई, जिसके बाद सरकार ने याचिका वापस ले ली।
याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने क्या जताई आपत्ति?
सुप्रीम कोर्ट में सरकार की याचिका अभी मुख्य सुनवाई के चरण में नहीं पहुंची है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने सुनवाई से पहले ही याचिका दाखिल करने पर आपत्ति जताई है।
कोर्ट ने अपूर्ण कागजी रिकॉर्ड सहित कई कमियों का हवाला देते हुए याचिका वापस कर दी है।
अब इस्लामाबाद के मुख्य आयुक्त रजिस्ट्री की ओर से उठाई गई आपत्तियों को दूर करके पुनर्विचार याचिका को दोबारा दाखिल करने की उम्मीद है।
याचिका
पाकिस्तान सरकार को इमरान के इलाज पर क्यों है आपत्ति?
पुनर्विचार याचिका में कहा गाय है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में पाकिस्तान के जेल नियमों के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है।
सरकार ने निजी अस्पताल में इलाज की अनुमति देने के फैसले पर भी सवाल उठाया और तर्क दिया कि इससे कैदियों के बीच असमान व्यवहार हो सकता है।
सरकार का कहना है कि उसे इमरान को चिकित्सा देखभाल मिलने से कोई आपत्ति नहीं है। उसकी मुख्य आपत्ति निजी अस्पताल में स्थानांतरण को लेकर है।
आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने इमरान को दी थी राहत
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी के प्रमुख इमरान को 2 दिनों में शिफा अस्पताल में भर्ती कराने और 16 सितंबर तक इलाज का निर्देश दिया है।
साथ ही, एक चिकित्सा बोर्ड गठित करने को कहा है, जो उनकी जांच और उपचार कर सके।
कोर्ट ने इमरान के उनके निजी चिकित्सक और बहन को उनकी चिकित्सा देखभाल से जुड़े रहने की अनुमति दी है। इमरान की बहन आज 9 महीने बाद उनसे अडियाला जेल में मिली हैं।