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#NewsBytesExplainer: विदेशी छात्रों से नौकरी के लिए अमेरिका वसूलेगा 68 लाख रुपये, भारतीयों पर क्या होगा असर?
अमेरिका OPT कार्यक्रम के लिए शुल्क में भारी बढ़ोतरी करने जा रहा है

#NewsBytesExplainer: विदेशी छात्रों से नौकरी के लिए अमेरिका वसूलेगा 68 लाख रुपये, भारतीयों पर क्या होगा असर?

लेखन आबिद खान
Oct 08, 2026
12:27 pm

क्या है खबर?

अमेरिका लगातार विदेशी छात्रों के लिए पढ़ने और नौकरी करने से जुड़े नियम सख्त करता जा रहा है। अब अमेरिकी सरकार ने विदेशी छात्रों के लिए प्रारंभिक वैकल्पिक व्यावहारिक प्रशिक्षण (OPT) के लिए 70,000 डॉलर (करीब 68 लाख रुपये) का शुल्क प्रस्तावित किया है। गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने कहा कि ये शुल्क छात्र को नहीं, बल्कि उसके विश्वविद्यालय को देना होगा। आइए इस कदम का भारतीयों पर असर समझते हैं।

OPT

सबसे पहले जानिए OPT कार्यकम क्या होता है

OPT कार्यक्रम अमेरिका में विदेशी छात्रों को अस्थायी आधार पर काम हासिल करने की अनुमति देता है। आमतौर पर पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें एक साल तक नौकरी करने की अनुमति मिलती है। वहीं, साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स (STEM) के छात्रों को 2 साल और काम करने की अनुमति मिल सकती है।

इस कार्यक्रम से छात्रों को H-1B वीजा मिलने में आसानी होती है, इसीलिए इसे अमेरिका में नौकरी हासिल करने का पहला पड़ाव माना जाता है।

फैसला

OPT को लेकर अमेरिकी सरकार क्या प्रस्ताव ला रही है?

प्रस्तावित नियमों के तहत, पहले OPT के लिए 70,000 डॉलर (68 लाख रुपये) और इसे रिन्यू कराने के लिए 30,000 डॉलर (29 लाख रुपये) वसूले जाएंगे।

इस तरह STEM छात्रों को 36 महीने की अवधि के दौरान 97 लाख रुपये तक चुकाने होंगे। फिलहाल छात्र लगभग 48,000 रुपये का भुगतान करते हैं।

DHS ने कहा कि ये धोखाधड़ी और दुरुपयोग से निपटने, आव्रजन प्रणाली को मजबूत करने और अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा के लिए किया जा रहा है।

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वजह

क्यों लगाया जा रहा है शुल्क?

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह प्रस्ताव कार्यक्रम में भागीदारी कम करने का उपाय है, ताकि छात्र OPT को रोजगार के रूप में इस्तेमाल न करें।

DHS ने कहा, "यह प्रस्तावित शुल्क कॉलेजों को केवल सबसे होनहार छात्रों को ही OPT में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करेगा, वह भी समीक्षा और शुल्क भुगतान के बाद। OPT का उद्देश्य कभी भी अमेरिकी कार्यबल में प्रवेश का अप्रत्यक्ष रास्ता या सिस्टम का दुरुपयोग करने वालों के लिए पुरस्कार नहीं था।"

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आंकड़े

अमेरिका में कितने भारतीय छात्र पढ़ते हैं?

अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों में भारतीयों की संख्या सबसे ज्यादा है।

इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एजुकेशन (IIE) की रिपोर्ट के अनुसार, 2024-25 में 3.63 लाख से ज्यादा भारतीयों ने अमेरिकी विश्वविद्यालयों में दाखिला लिया। ये संख्या चीन के छात्रों से भी ज्यादा है।

अमेरिका में कुल अंतरराष्ट्रीय छात्रों में लगभग एक तिहाई भारतीय हैं।

2024-25 में भारत से लगभग 98,000 छात्रों ने OPT कार्यक्रम के जरिए अमेरिकी विश्वविद्यालयों में प्रवेश लिया था।

असर

भारतीयों पर क्या होगा असर?

अगर ये प्रस्ताव लागू होता है, तो छात्रों को मौजूदा फीस से 140 गुना ज्यादा भुगतान करना होगा। इससे छात्रों पर भारी वित्तीय बोझ पड़ेगा, जिनमें से कई पहले से ही कर्ज लेकर अमेरिका पढ़ाई करने जाते हैं।

साथ ही विश्वविद्यालय भी शुल्क के चलते विदेशी छात्रों को कार्यक्रम के तहत प्रवेश देने में हिचकिचा सकते हैं।

हालांकि, अभी ये केवल प्रस्ताव है। इस पर लोगों और संस्थानों को अपनी राय देने के लिए 60 दिन का समय मिलेगा।

विशेषज्ञ

विशेषज्ञों ने प्रस्ताव को अमेरिका के लिए 'आत्मघाती' बताया

अमेरिकी आव्रजन नीति में सुधार के लिए काम करने वाली संस्था FWD ने कहा कि यह कदम अमेरिका के लिए 'आत्मघाती' है।

संस्था के अध्यक्ष टॉड शुल्टे ने कहा, "अगर यह नीति लागू होती है, तो यह प्रतिभाओं की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अमेरिका को एक प्रमुख गंतव्य के रूप में खो देने वाला एक नाटकीय और आत्मघाती कदम होगा। OPT की लागत में भारी वृद्धि करके, अमेरिका जानबूझकर शीर्ष प्रतिभाओं के वैश्विक बाजार से खुद को बाहर कर रहा है।"

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