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भारतीय मूल का यह बच्चा बना दुनिया का सबसे कम उम्र का लेखक, बनाया विश्व रिकॉर्ड
भारतीय-अमेरिकी लड़का बना सबसे छोटा लेखक

भारतीय मूल का यह बच्चा बना दुनिया का सबसे कम उम्र का लेखक, बनाया विश्व रिकॉर्ड

लेखन सयाली
Oct 09, 2026
01:57 pm

क्या है खबर?

3 साल की उम्र में बच्चे ठीक से लिखना और पढ़ना भी नहीं सीख पाते हैं। हालांकि, कुछ बच्चे इतने होनहार होते हैं कि इतनी छोटी उम्र में कुछ ऐसा कर दिखाते हैं, जो लाखों के लिए प्रेरणा बन जाता है। ऐसा ही कमाल 3 साल के नन्हें अद्वय जैन ने कर दिखाया है, जो दुनिया का सबसे छोटा लेखक बन गया है। यह भारतीय मूल का अमेरिका में रहने वाला बच्चा अब दुनियाभर में सुर्खियां बटोर रहा है।

रिकॉर्ड

प्री-स्कूल के लंच टाइम पर लिखी किताब

गिनीज विश्व रिकॉर्ड के अनुसार, अद्वय पुरुष श्रेणी में किताब प्रकाशित करने वाले सबसे कम उम्र का व्यक्ति बन गया है। यह नन्हां लेखक अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित मैनमाउथ जंक्शन का रहने वाला है, जिसका जन्म 23 अप्रैल, 2022 को हुआ था।

3 अप्रैल, 2026 को अद्वय ने यह रिकॉर्ड कायम किया था और उस वक्त उसकी उम्र 3 साल और 345 दिन थी। उसकी किताब उसके प्री-स्कूल के लंच टाइम पर आधारित है, जिसमें उसके अनुभव लिखे हैं।

तस्वीरें

भारतीय महावाणिज्य दूत ने की अद्वय से मुलाकात

न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूत बिनया श्रीकांत प्रधान ने अद्वय से मुलाकात की थी। भारत के महावाणिज्य दूतावास के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर इसकी तस्वीरें भी साझा की गई थीं।

पोस्ट के कैप्शन में लिखा गया, "महावाणिज्य दूत बिनाया श्रीकांत प्रधान ने भारतीय मूल के 4 साल के लेखक अद्वय जैन का स्वागत किया, जो सबसे कम उम्र में किताब प्रकाशित करने वाले पुरुष के तौर पर गिनीज विश्व रिकॉर्ड होल्डर हैं।"

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किताब

अद्वय हैं बच्चों के लिए एक प्रेरणा

अद्वय की किताब का शीर्षक 'डीनो लर्न्स नॉट टू वेस्ट फूड' है। इसमें उसने बच्चों को खाना बर्बाद न करने और स्वस्थ खाना खाने की प्रेरणा दी है। इसे पढ़कर बच्चे सीख सकते हैं कि खाना बचाना और फेंकना अच्छी आदत नहीं है और उन्हें ऐसा करने से बचना चाहिए।

अद्वय ने अपनी प्रतिभा से यह साबित किया कि अगर आप में जज्बा और हुनर हो तो उम्र महज एक अंक साबित होती है।

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जानकारी

अद्वय की बहन भी हैं प्रतिभाशाली

अद्वय के परिवार में प्रतिभा की कमी नहीं है। उसकी बड़ी बहन आव्या 12 साल की उम्र में ही एक लेखिका और पेंटर बन गई हैं, जिन्होनें अद्वय को और प्रेरित किया। अद्वय ने बच्चों को किताबें पढ़ने और लिखने की भी प्रेरणा दी है।

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