परविंदर अवाना को भारतीय क्रिकेट में मिली अहम जिम्मेदारी, जूनियर चयन समिति के अध्यक्ष बने
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने शुक्रवार (23 अक्टूबर) को परविंदर अवाना को जूनियर चयन समिति का अध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा की। अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे की सदस्यता वाली क्रिकेट सलाहकार समिति ने साक्षात्कार प्रक्रिया के बाद अवाना के नाम की सिफारिश की थी। इस समिति में कृष्णा दास, राकेश पटेल और अर्जुन यादव भी शामिल हैं। समिति के पांचवें सदस्य की नियुक्ति जल्द की जाएगी। अवाना भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेल चुके हैं।
करियर
अवाना के करियर पर एक नजर
अवाना ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 2 टी-20 मुकाबले खेले।
उन्होंने 62 प्रथम श्रेणी मैचों में 191 विकेट लिए। पूर्व तेज गेंदबाज दिल्ली, इंडिया-A और रेस्ट ऑफ इंडिया के लिए भी खेल चुका है।
वह इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में पंजाब किंग्स (PBKS) का हिस्सा रहे हैं।
संन्यास के बाद उन्होंने कोचिंग में कदम रखा और दिल्ली की अंडर-16, अंडर-19 और अंडर-23 टीमों के साथ-साथ भारत की अंडर-19 टीम और BCCI/COE के उच्च प्रदर्शन कार्यक्रमों में काम किया।
खेल
दास और राकेश के करियर पर एक नजर
दास असम और गोवा के पूर्व तेज गेंदबाज हैं। उन्होंने 49 प्रथम श्रेणी मैचों में 166 विकेट लिए। वह भारत की अंडर-19 और इंडिया-A टीमों का हिस्सा रहे।
बाद में उन्होंने भारतीय अंडर-19 टीम के गेंदबाजी कोच की जिम्मेदारी संभाली।
वहीं, राकेश पटेल गुजरात और बड़ौदा के लिए खेले। वह इंडिया-A के अलावा दलीप, देवधर और ईरानी ट्रॉफी में भी खेले।
उन्होंने अंडर-19, अंडर-23 और सीनियर टीमों को कोचिंग दी, 2025-26 में वह बड़ौदा अंडर-23 टीम के मुख्य कोच थे।
क्रिकेट
अर्जुन यादव का ऐसा रहा है क्रिकेट करियर
अर्जुन अपने क्रिकेट करियर के दौरान इंडिया-A की ओर से खेले और 83 प्रथम श्रेणी मुकाबलों में हिस्सा लिया।
वह साल 2000 में अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थे।
हैदराबाद के लिए खेलने के बाद उन्होंने कोचिंग में कदम रखा। उन्होंने हैदराबाद की सीनियर और अंडर-23 टीमों के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाली।
इसके अलावा, वह 2022 से BCCI के मैच रेफरी के रूप में भी कार्यरत हैं।
काम
जूनियर चयन समिति का ये काम होता है
जूनियर चयन समिति का काम अंडर-22 तक की आयु वर्ग की टीमों का चयन करना है।
समिति घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर रखती है और प्रशिक्षण शिविरों, दौरों व टूर्नामेंटों के लिए टीम चुनती है।
इसके अलावा युवा प्रतिभाओं की पहचान, कप्तानों की नियुक्ति, कोच और सहयोगी स्टाफ का चयन तथा जूनियर क्रिकेट के विकास की जिम्मेदारी भी इसी की होती है।
ये खिलाड़ियों को नशे, सट्टेबाजी और फिक्सिंग के प्रति जागरूक भी करते हैं।