कौन हैं अनिका पुरी, जिन्होंने हाथियों को बचाने के लिए बनाया AI टूल?
क्या है खबर?
अमेरिका में रहने वाली 17 साल की भारतीय मूल की छात्रा अनिका पुरी ने हाथियों के शिकार को रोकने में मदद के लिए खास तकनीक तैयार की है। उन्होंने केवल 300 डॉलर (लगभग 28,000 रुपये) में ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल बनाया है, जो ड्रोन से मिले वीडियो में इंसानों की पहचान कर सकता है। इससे जंगलों में तैनात वनकर्मियों को संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने और हाथियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने में मदद मिल सकती है।
परिचय
कौन हैं अनिका पुरी?
अनिका न्यूयॉर्क के चप्पाक्वा में रहती हैं।
वन्यजीवों की सुरक्षा में उनकी दिलचस्पी तब बढ़ी, जब भारत आने के दौरान उन्होंने मुंबई के बाजारों में हाथी दांत से बने गहने और मूर्तियां देखीं। इसके बाद उन्होंने हाथी दांत के गैरकानूनी कारोबार और हाथियों पर उसके असर के बारे में जानकारी जुटाई।
रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक में रुचि रखने वाली अनिका ने इंजीनियरिंग की मदद से इस समस्या का हल खोजने का प्रयास किया।
स्कॉलरशिप
काम के लिए मिली 25,000 डॉलर की स्कॉलरशिप
अनिका ने अपने इस टूल का नाम ElSa रखा है, जो एलिफेंट-सेवियर का संक्षिप्त रूप है।
उनके इस काम को 2022 में डेविडसन फेलो कार्यक्रम के तहत 25,000 डॉलर (लगभग 24 लाख रुपये) की स्कॉलरशिप मिली थी। इस तकनीक को 4 अफ्रीकी राष्ट्रीय उद्यानों के थर्मल ड्रोन वीडियो के जरिए परखा गया।
परीक्षण के दौरान इसने वीडियो में इंसानों की पहचान करने में 90.9 प्रतिशत सटीकता दिखाई। हालांकि, किसी इंसान की पहचान होना उसके शिकारी होने का प्रमाण नहीं है।
टूल
कैसे काम करता है ElSa टूल?
ElSa मशीन लर्निंग की मदद से वीडियो के अलग-अलग हिस्सों में लोगों और जानवरों की गतिविधियों का विश्लेषण करता है।
यह उनकी गति, मुड़ने के तरीके और झुंड के साथ चलने जैसे संकेतों को देखता है। इससे वनकर्मियों को इंसानों और जानवरों के बीच अंतर समझने में मदद मिल सकती है। रात में ड्रोन के थर्मल कैमरे गर्मी के संकेत पकड़ते हैं।
हालांकि, भारत के जंगलों में इस तकनीक की उपयोगिता जानने के लिए अभी और परीक्षण जरूरी हैं।