यूट्यूब के बड़े क्रिएटर्स को मिल सकता है लाखों डॉलर का ऑफर
क्या है खबर?
यूट्यूब और नेटफ्लिक्स के बीच क्रिएटर्स को लेकर मुकाबला बढ़ता नजर आ रहा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, यूट्यूब अपने कुछ बड़े क्रिएटर्स को लाखों डॉलर देने की योजना बना रहा है। इसके बदले उनसे अपना खास कंटेंट कुछ समय तक सिर्फ यूट्यूब पर रखने को कहा जा सकता है। यह कदम नेटफ्लिक्स की उस कोशिश के बीच आया है, जिसमें वह इंटरनेट पर पहले से लोकप्रिय चेहरों और उनके कार्यक्रमों को अपनी स्ट्रीमिंग सेवा पर लाना चाहता है।
वजह
यूट्यूब क्रिएटर्स को क्यों देगा लाखों डॉलर?
रिपोर्ट के अनुसार, यूट्यूब कुछ खास क्रिएटर्स को आर्थिक फायदा देकर उन्हें अपने प्लेटफॉर्म से जोड़े रखना चाहता है।
इसके तहत क्रिएटर्स को तय समय तक अपना कंटेंट दूसरे प्लेटफॉर्म पर न देने के बदले पैसा मिल सकता है। यह रकम सीधे दी जा सकती है या बड़े ब्रांड समझौतों में क्रिएटर्स को ज्यादा हिस्सा मिल सकता है।
हालांकि, अभी बातचीत शुरुआती दौर में है और किसी सौदे की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए योजना में बदलाव संभव है।
चुनौती
नेटफ्लिक्स की एंट्री से बढ़ी चुनौती
नेटफ्लिक्स अब इंटरनेट पर लोकप्रिय क्रिएटर्स और वीडियो पॉडकास्ट के कंटेंट को अपनी सेवा पर जगह दे रहा है।
ऐसे कई क्रिएटर्स पहले से यूट्यूब पर बड़ी संख्या में दर्शक जुटा चुके हैं। नेटफ्लिक्स के साथ काम करने वाले कुछ क्रिएटर्स को यूट्यूब के प्रचार अभियानों और कार्यक्रमों में पहले जैसी जगह नहीं मिल सकती है।
इससे क्रिएटर्स के सामने एक तरफ नेटफ्लिक्स से मिलने वाला पैसा और दूसरी तरफ यूट्यूब पर बनी उनकी मजबूत दर्शक संख्या का विकल्प होगा।
फायदा
क्रिएटर्स को मिल सकता है बड़ा फायदा
दोनों प्लेटफॉर्म के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा से सबसे ज्यादा फायदा बड़े क्रिएटर्स को हो सकता है।
यूट्यूब ने पिछले चार वर्षों में क्रिएटर्स, कलाकारों और मीडिया कंपनियों को 100 अरब डॉलर से ज्यादा देने की बात कही है। वहीं नेटफ्लिक्स भी दर्शकों और कंटेंट के लिए यूट्यूब से मुकाबले में है।
अगर यूट्यूब अपने बड़े क्रिएटर्स को रोकने के लिए ज्यादा पैसा खर्च करता है, तो भविष्य में दूसरे प्लेटफॉर्म भी ऐसे सौदे कर सकते हैं।