डिजिटल अरेस्ट कर रिटायर्ड आयकर अधिकारी से 51 लाख की ठगी, कैसे रहें सुरक्षित?
क्या है खबर?
मुंबई में एक रिटायर्ड आयकर अधिकारी से 51 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को लखनऊ पुलिस का अधिकारी बताकर उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसने का डर दिखाया। इसके बाद उन्हें वीडियो कॉल के जरिए कथित तौर पर डिजिटल अरेस्ट किया गया। पुलिस ने मामले में एक बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। उससे पूछताछ के आधार पर पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
धमकी
वीडियो कॉल कर जेल की धमकी दी
ठगों ने रिटायर्ड अधिकारी को वीडियो कॉल किया और खुद को लखनऊ पुलिस का वरिष्ठ अधिकारी बताया। उन्होंने दावा किया कि उनकी पहचान का इस्तेमाल करके निजी बैंक में खाता खोला गया है, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग के लेनदेन हुए हैं।
इसके बाद ठगों ने केस दर्ज होने और कम से कम 10 साल जेल की सजा होने की धमकी दी। उन्होंने कथित सरकारी दस्तावेज भी भेजे और बैंक खातों की जानकारी मांगी। डर के कारण पीड़ित उनकी बात मानते गए।
ठगी
जांच के नाम पर 51 लाख रुपये लिए
ठगों ने पीड़ित से कहा कि जांच पूरी होने तक उनकी सारी बचत बताए गए बैंक खाते में भेजनी होगी।
इसके बाद रिटायर्ड अधिकारी ने अलग-अलग किस्तों में करीब 51 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब कोई पूछताछ नहीं हुई, तब उन्हें ठगी का शक हुआ और उन्होंने शिकायत की।
पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद मोहम्मद सफवान अब्दुल हमीद को पकड़ा। आरोप है कि उसने ठगों को खाते देकर लेनदेन में मदद की और कमीशन लिया।
सुरक्षा
ऐसी ठगी से कैसे रहें सुरक्षित?
किसी भी अनजान व्यक्ति के वीडियो कॉल पर खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताने पर तुरंत भरोसा न करें।
पुलिस या कोई सरकारी एजेंसी डिजिटल अरेस्ट करके पैसे ट्रांसफर करने का आदेश नहीं देती। डराने, जेल की धमकी देने या बैंक में जमा रकम जांच के नाम पर भेजने को कहने पर बातचीत रोक दें।
किसी को OTP, पासवर्ड, बैंक जानकारी या पैसे न दें। संदेह होने पर परिवार के लोगों को बताएं और तुरंत पुलिस में शिकायत करें।