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गूगल ने मेटा के जेमिनी AI मॉडल के इस्तेमाल पर लगाई सीमा, जानिए क्या है वजह
गूगल ने मेटा की मांग के अनुरूप कंप्यूटिंग क्षमता देने से इनकार कर दिया है

गूगल ने मेटा के जेमिनी AI मॉडल के इस्तेमाल पर लगाई सीमा, जानिए क्या है वजह

Jun 28, 2026
03:31 pm

क्या है खबर?

गूगल ने मेटा के जेमिनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल के इस्तेमाल पर सीमाएं लगा दी हैं। ऐसा तब हुआ, जब सोशल मीडिया कंपनी ने इतनी ज्यादा कंप्यूटिंग क्षमता की मांग की, जितनी प्रतिस्पर्धी टेक कंपनी नहीं दे सकती थी। रिपोर्ट के अनुसार, अल्फाबेट की मूल कंपनी ने मार्च के आस-पास कहा था कि वह जेमिनी की उतनी क्षमता नहीं दे सकती, जितनी मेटा खरीदना चाहती थी। क्षमता की इस कमी की वजह से मेटा के AI प्रोजेक्ट्स में रुकावट आई।

असर 

पाबंदी का क्या हुआ असर?

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल के कई दूसरे ग्राहकों पर भी असर पड़ा है, हालांकि यह असर कम है। गूगल के मॉडल्स की बहुत ज्यादा मांग की वजह से मेटा पर खास तौर पर असर पड़ा है। पाबंदियों की वजह से मेटा ने अपने कर्मचारियों को AI टोकन (AI के इस्तेमाल को मापने वाली यूनिट) का ज्यादा कुशलता से इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया है। इससे इस पर होने वाले खर्चे को भी कम किया जा सके।

राजस्व 

कंप्यूटिंग क्षमता की कमी के कारण ग्रोथ में कमी 

कंपनियां भले ही चिप्स और डाटा सेंटर्स पर अरबों खर्च कर रही हैं, फिर भी वे AI सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए जरूरी कंप्यूटिंग पावर हासिल करने में संघर्ष कर रही हैं। मार्च में खत्म हुई पहली तिमाही में गूगल क्लाउड का राजस्व बढ़कर 20 अरब डॉलर (करीब 1,800 अरब रुपये) हो गया, लेकिन मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सुंदर पिचई ने कहा कि कंप्यूटिंग पावर की कमी के कारण इससे भी ज्यादा ग्रोथ नहीं हो पाई।

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