17 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों की मतदाता सूची होगी अपडेट, चुनाव आयोग करेगा SSR
क्या है खबर?
दिल्ली में भारी विरोध-प्रदर्शन के बीच चुनाव आयोग अब 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नामांकन बढ़ाने के लिए मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त संशोधन (SSR) कराएगा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद SSR का उद्देश्य नए मतदाताओं और विवादास्पद SIR से छूट गए मतदाताओं को शामिल करना है। आयोग ने इसके लिए 1 जनवरी, 2027 को पात्रता तिथि निर्धारित की है। यह उन्हीं 17 राज्यों में होगा, जहां SIR हो चुका है।
चुनाव आयोग
इन राज्यों में होगा SSR
चुनाव आयोग SSR की प्रक्रिया असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में करेगी।
इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में भी अभियान चलाया जाएगा।
आयोग ने गुरुवार को जारी आदेश में 29 सितंबर को राज्य अधिकारियों को दिए निर्देश का जिक्र किया, जिसमें कहा है कि "छूटे हुए, युवा, पहली बार के मतदाताओं के नामांकन के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।"
प्रक्रिया
4 जनवरी को प्रकाशित की जाएगी अंतिम मतदाता सूची
आयोग ने बताया कि SSR का उद्देश्य 2027 की पात्रता तिथि से पहले मौजूदा मतदाता सूचियों को अद्यतन करना और पात्र मतदाताओं को सूचियों में शामिल करना है।
मतदान केंद्रों का युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्थापन 2 नवंबर, 2026 तक पूरा होगा। इसके बाद एकीकृत ड्राफ्ट मतदाता सूची 12 नवंबर को प्रकाशित होगी।
मतदाताओं को 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दावे-आपत्तियां दर्ज करानी होगी, जिनका निपटारा 28 दिसंबर तक होगा।
अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी, 2027 को प्रकाशित होगी।
कार्य
इन राज्यों में बाद में होगा SSR
आयोग ने अभी SSR को उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से बाहर रखा है जहां SIR का कार्य चल रहा है या अभी पूरा हुआ है। इन क्षेत्रों में SSR के लिए बाद में अलग समय सारिणी घोषित होगी।
इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादर और नागर हवेली, दमन और दीव, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, दिल्ली, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा और तेलंगाना शामिल हैं।
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अभी SIR ही नहीं हुआ है।
चुनाव
SIR विवाद के बीच आयोग ने लिया फैसला
आयोग ने SSR की प्रक्रिया ऐसे समय शुरू करने का निर्णय लिया है, जब पूरे देश में हुए SIR में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे जा चुके हैं।
इसको लेकर काफी विरोध चल रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर SIR मनमाने तरीके से और नियमों को ताक पर रखकर करने का आरोप है।
बता दें कि अगले साल गोवा, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में विधानसभा चुनाव है।
प्लस
क्या होता है SSR?
SSR मतदाता सूची को अपडेट करने और नए मतदाताओं को जोड़ने की नियमित और सालाना प्रक्रिया है। आमतौर पर इसकी घोषणा हर साल मई में की जाती है।
इस प्रक्रिया के जरिए उन लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाते हैं, जिन्होंने हाल ही में 18 साल की उम्र पूरी कर ली है। पात्र मतदाता हर साल 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर को इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।