राहुल गांधी की चाय पार्टी के लिए CJP को भेजा गया था न्योता- रिपोर्ट
क्या है खबर?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर कांग्रेस के रुख में बदलाव के संकेत सामने आ रहे हैं। बीते दिन CJP प्रवक्ताओं की गिरफ्तारी के बाद राहुल गांधी ने उनके समर्थन में बयान दिया था। अब खबर आई है कि 13 अक्टूबर को राहुल द्वारा बुलाई गई चाय पार्टी में भी CJP को शामिल करने की कोशिश हुई थी। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के जरिए CJP से संपर्क करने का प्रयास किया गया था।
रिपोर्ट
वकील भूषण ने कांग्रेस से अनुरोध मिलने की पुष्टि की- रिपोर्ट
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 13 अक्टूबर की सुबह कांग्रेस ने CJP से संपर्क करने और उसके नेताओं को राहुल की चाय पार्टी में आमंत्रित करने का फैसला किया।
इसके लिए भूषण से मध्यस्थ की भूमिका निभाने और दिपके से संपर्क करने का आग्रह किया गया। भूषण ने इसकी पुष्टि की है।
हालांकि, उस वक्त दिपके महाराष्ट्र में थे और CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरभ दास को पुलिस ने हिरासत में ले रखा था।
दिपके
बैठक में शामिल होने के लिए उत्साहित नहीं थे दिपके- रिपोर्ट में दावा
रिपोर्ट में कांग्रेस सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि CJP से संपर्क किया गया था, लेकिन दिपके ने इसे लेकर खास उत्साह नहीं दिखाया। बैठक में CJP का कोई प्रतिनिधि भी शामिल नहीं हुआ।
राहुल ने ये चाय पार्टी अपने आवास पर बुलाई थी। इसमें INDIA की सभी पार्टियों के कई सांसद, नागरिक समाज के लोग और छात्र नेता शामिल हुए थे। इस दौरान गोलमेज पर प्रदर्शन की रणनीति को लेकर चर्चा हुई थी।
बयान
राहुल ने कहा था- प्रदर्शन अलग-अलग नहीं, एक ही आंदोलन
राहुल ने 12 अक्टूबर को कहा था, "अलग-अलग समानांतर प्रदर्शन नहीं हो रहे हैं, बल्कि यह एक ही आंदोलन है। हमें इससे फर्क नहीं पड़ता कि आप कौन हैं या किस संगठन से जुड़े हैं। अगर आप संविधान की रक्षा कर रहे हैं, जैसा हम कर रहे हैं, तो हम आपके साथ हैं। हम आपका समर्थन करेंगे, आपकी मदद करेंगे और आपकी रक्षा करेंगे। हम आपसे भी यही उम्मीद करते हैं।"
वजह
कांग्रेस ने क्यों साधा CJP से संपर्क?
कांग्रेस नेतृत्व CJP को लेकर संदेह में रहा है। अब भी कांग्रेस के एक बड़े वर्ग का मानना है कि CJP आम आदमी पार्टी का ही संगठन है।
हालांकि, अब कांग्रेस ने मतदाता सूची के SIR को रद्द करने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एकजुटता मजबूत करने के प्रयास के तहत CJP से संपर्क साधा है।
कांग्रेस का मानना है कि आंदोलन को मजबूत करने के लिए सभी को साथ लाना चाहिए।