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अमेरिकी विदेश मंत्री भारत दौरे पर आएंगे, ऊर्जा सहयोग समेत किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
अमेरिका के विदेश मंत्री 5 दिवसीय भारत दौरे पर आ रहे हैं

अमेरिकी विदेश मंत्री भारत दौरे पर आएंगे, ऊर्जा सहयोग समेत किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

लेखन आबिद खान
Oct 14, 2026
11:24 am

क्या है खबर?

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर तक भारत यात्रा पर रहेंगे। इस साल ये उनका दूसरा भारत दौरा है। इस दौरान वे मुंबई और जामनगर का दौरा करेंगे। उम्मीद है कि वे भारतीय अधिकारियों और व्यापारिक नेताओं के साथ ऊर्जा सहयोग, रणनीतिक संबंध और वाणिज्यिक निवेश जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। उनकी इस यात्रा में उज्बेकिस्तान का दौरा भी शामिल है। आइए दौरे का एजेंडा समझते हैं।

दौरा

कैसा रहेगा रुबियो का दौरा?

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बताया कि रुबियो 17 से 22 अक्टूबर तक भारत और उज्बेकिस्तान के दौरे पर रहेंगे। पहले वे उज्बेकिस्तान के समरकंद जाएंगे और उसके बाद भारत में मुंबई और जामनगर की यात्रा करेंगे।

रुबियो समरकंद में 'C5+1' समूह की मंत्रिस्तरीय बैठक में भी हिस्सा लेंगे। ये उज्बेकिस्तान, कजाखस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और किर्गिज गणराज्य का समूह है।

200 से ज्यादा उद्योगपतियों और कारोबारी प्रतिनिधियों का एक दल भी रुबियो के साथ होगा।

बयान

दौरे को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने क्या बताया?

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा, "रुबियो अमेरिका और भारत की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने, क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान करने और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। वे व्यापारिक नेताओं से भी मुलाकात करेंगे ताकि वाणिज्यिक निवेश और आर्थिक सहयोग के अवसरों को बढ़ावा दिया जा सके।"

इसी साल मई में भी रुबियो भारत आए थे।

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ऊर्जा

ऊर्जा सहयोग पर खास ध्यान

रुबियो की यह यात्रा व्यापार और ऊर्जा संबंधों को लेकर भारत-अमेरिका में मतभेदों के बीच हो रही है। दोनों देशों में व्यापार समझौते पर बातचीत में देरी हो रही है।

हाल ही में अधिकारियों ने संकेत दिया था कि समझौते को अंतिम रूप देने के प्रयास फिर से रुक गए हैं।

भारत ने उस प्रस्तावित कानून पर भी चिंता जताई है, जिससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकते हैं।

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जामनगर

जामनगर क्यों जाएंगे रुबियो?

रुबियो की जामनगर यात्रा अहम मानी जा रही है, क्योंकि यहां रिलायंस की विशाल तेल रिफाइनरी है। यहां रोजाना 14 लाख बैरल कच्चा तेल प्रसंस्करण किया जा सकता है।

मार्च में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की थी कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के निवेश से अमेरिका में 50 साल बाद पहली नई तेल रिफाइनरी बनाई जाएगी। ट्रंप ने कहा था कि यह रिफाइनरी टेक्सास के ब्राउंसविल में 300 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से बनाई जाएगी।

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