महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में कक्षा 1 से कक्षा 10 तक मराठी भाषा अनिवार्य
क्या है खबर?
महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में मराठी भाषा अनिवार्य कर दी गई है। यह जानकारी स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भूसे ने सोमवार को दी। उन्होंने कहा कि राज्य भर के सभी माध्यमों के स्कूलों में कक्षा 1 से 10 तक मराठी भाषा का शिक्षण और इस विषय की परीक्षा आयोजित करना कानूनी रूप से अनिवार्य कर दिया गया है। मंत्री ने कहा कि नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों की मान्यता रद्द की जा सकती है।
अनिवार्य
स्कूलों पर लगेगा जुर्माना
महाराष्ट्र विधानसभा में भूसे ने कहा कि महाराष्ट्र स्कूलों में मराठी भाषा के अनिवार्य शिक्षण और अधिगम अधिनियम, 2020 के तहत यह आदेश लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि स्कूलों को योग्य मराठी शिक्षकों की नियुक्ति भी करनी होगी और स्कूलों में नियमित निरीक्षण भी किया जाएगा। भूसे ने कहा कि पहली बार आदेश के उल्लंघन पर चेतावनी, दूसरी बार पर उल्लंघन पर 1 लाख रुपये जुर्माना और तीसरे उल्लंघन पर मान्यता रद्द की जाएगी।
आदेश
हर कक्षा के लिए होगी अनिवार्य मराठी परीक्षा
उन्होंने कहा कि हर कक्षा के लिए मराठी परीक्षाएं अवश्य आयोजित की जाएंगी। भूसे ने अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मराठी शिक्षा बोर्ड को पुनर्जीवित करने की बात कही है। मंत्री ने प्रश्नकाल के दरौान कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र से केद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की पाठ्यपुस्तकों में छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में जानकारी का विस्तार करने का आग्रह किया है। पहले अन्य शिक्षा बोर्डों की पाठ्यपुस्तकों में छत्रपति शिवाजी को केवल डेढ़ स्तंभ समर्पित थे।