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26,000 कर्मी तैनात, शराब दुकानें बंद और ट्रेनें रद्द: CJP प्रदर्शन को लेकर छावनी बना दिल्ली
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं

26,000 कर्मी तैनात, शराब दुकानें बंद और ट्रेनें रद्द: CJP प्रदर्शन को लेकर छावनी बना दिल्ली

लेखन आबिद खान
Oct 09, 2026
11:14 am

क्या है खबर?

10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने जा रही है। पिछले प्रदर्शन से सबक लेते हुए इस बार पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं। सुरक्षा बलों ने अब तक की सबसे बड़ी जमीनी तैनाती की है। पुलिस ने मीडिया के लिए भी चेतावनी जारी की है। होटलों और गेस्ट हाउस में ठहरे हुए लोगों से दिल्ली आने की वजह पूछी जा रही है। आइए सुरक्षा के इंतजाम समझते हैं।

तैनाती

26,000 से ज्यादा सुरक्षाबलों की तैनाती

दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के 26,000 से ज्यादा कर्मियों को तैनात किया गया है। ये फरवरी 2020 के विधानसभा चुनाव, उसी समय हुई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा और दिल्ली दंगों के बाद सबसे बड़ी तैनाती है।

गृह मंत्रालय ने CAPF की कम से कम 110 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दी है। ये जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से आई हैं।

दिल्ली में पहले से ही 111 CAPF कंपनियां तैनात हैं।

अन्य कदम

नई दिल्ली और निजामुद्दीन स्टेशन पर आने वाली ट्रेनें रद्द

दिल्ली आबकारी विभाग ने शहर भर में सभी शराब दुकानों को 9 और 10 अक्टूबर को बंद करने का आदेश दिया है।

10 अक्टूबर की सुबह 4 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन आने वाली कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।

माना जा रहा है कि स्कूल भी बंद किए जा सकते हैं। इस संबंध में आज कोई घोषणा हो सकती है।

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हवाई अड्डे

हवाई अड्डे से लेकर रेलवे स्टेशनों पर नजर

पुलिस की योजना है कि प्रदर्शनकारियों को हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों या बस टर्मिनलों के रास्ते शहर में आते ही रोक दिया जाए।

हिंदुस्तान टाइम्स से एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "फिलहाल निषेधाज्ञा केवल नई दिल्ली क्षेत्र में लागू है। शनिवार की स्थिति के आधार पर, यह संभव है कि 4 या 2 से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगाने वाले ऐसे आदेश हवाई अड्डों या स्टेशनों के बाहर भी लागू किए जाएंगे।"

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मीडिया

मीडिया के लिए भी एडवाइजरी जारी

दिल्ली पुलिस ने मीडिया के लिए भी एडवाइजरी जारी की है। इसमें विरोध प्रदर्शनों को कवर करने वाले पत्रकारों के लिए क्या करें और क्या न करें की सूची दी गई है।

पत्रकारों को निर्देश दिया गया है कि वे अपना पहचान पत्र साथ रखें और पुलिस कार्रवाई में बाधा न डालें।

मौके पर मौजूद पत्रकारों को उचित दूरी बनाए रखने और खुद को इस तरह मौजूद रहने की सलाह दी गई है कि वे प्रदर्शनकारियों से अलग दिखे।

कैमरे

बॉडी कैमरे से लैंस होंगे पुलिसकर्मी

दिल्ली पुलिस के कम से कम 150 कर्मी शरीर पर कैमरे पहनेंगे, जो हर घटना को रिकॉर्ड करेंगे। ये कदम इसलिए भी अहम है, क्योंकि पुलिस के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर महिला पत्रकारों से छेड़छाड़ के आरोप लगे हैं।

साथ ही इन कैमरों से हर गतिविधि को रिकॉर्ड किया जाएगा, जो आगे चलकर सबूत के तौर पर काम आ सकते हैं।

इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने खुद के दर्जनों फोटोग्राफर भी तैनात करने का फैसला लिया है।

CJP

अन्य संगठनों के प्रदर्शन ने बढ़ाई पुलिस की मुश्किलें

CJP के अलावा वकीलों के समूहों ने भी पटियाला हाउस कोर्ट से जंतर-मंतर तक मार्च की घोषणा की है। वकील महमूद प्रमोद ने कहा, "सभी वकीलों से अपील है कि वे 10 अक्टूबर सुबह 11 बजे पटियाला हाउस कोर्ट के गेट नंबर 4 पर इकट्ठा हों, ताकि जंतर-मंतर तक मार्च में शामिल हो सकें।"

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत ने भी CJP को समर्थन दिया है।

INDIA गठबंधन भी लगातार 3 दिन से प्रदर्शन कर रहा है।

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