एक महीने तक दिल्ली में ही रहेंगे अर्धसैनिक बलों के 20,000 जवान, गृह मंत्रालय का फैसला
क्या है खबर?
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी में जारी भारी विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर केंद्र सरकार ने बड़ा सुरक्षा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली में तैनात लगभग अर्धसैनिक बलों (CAPF) की लगभग 200 कंपनियों के 20,000 अतिरिक्त जवानों की तैनाती को अगले एक महीने के लिए और बढ़ाने का फैसला किया है। ये जवान राजधानी में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नवंबर के मध्य तक दिल्ली और उसकी सीमाओं पर मुस्तैद रहेंगे।
कारण
क्यों लिया गया तैनाती बढ़ाने का फैसला?
रिपोर्ट्स के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), वामपंथी छात्र संगठनों और कांग्रेस के प्रदर्शन के कारण दिल्ली की सड़कों पर लगातार तनाव बना है। देश के अन्य राज्यों से भी युवाओं के दिल्ली कूच की आशंका है।
इसी तरह जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के बाद प्रदर्शनकारी अब वैकल्पिक स्थल रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और CBD मैदान की तरफ रुख कर रहे हैं, जिसके चलते पूरी दिल्ली में सुरक्षा का नया घेरा तैयार करना पड़ा है।
चिंता
INDIA गठबंधन की गतिविधियों ने बढ़ाई चिंता
पिछले सप्ताह से कांग्रेस के राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित विपक्षी नेताओं के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन ने अपने विरोध प्रदर्शनों को तेज कर दिया है।
राहुल गांधी समेत ग्यारह विपक्षी नेताओं ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाने और SIR में कथित अनियमितताओं को चुनौती दी है।
ऐसे में दिल्ली की सीमाओं, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया गया है।
उपाय
अतिरिक्त उपाय लागू किए गए
NDTV के अनुसार, पुलिस ने सीमाओं पर वाहनों की जांच तेज कर दी है और होटलों, गेस्ट हाउसों, लॉज और धर्मशालाओं में सत्यापन अभियान चला रही है।
अर्धसैनिक बलों के अलावा हजारों दिल्ली पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया है।
नई दिल्ली जिले को 20 जोन में विभाजित किया गया है, जहां संयुक्त आयुक्त, उपायुक्त और अतिरिक्त उपायुक्त जमीनी स्तर पर हो रहे घटनाक्रमों की निगरानी कर रहे हैं। इससे दिल्ली में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं।