सेंसर बोर्ड का फिल्म निर्माताओं के लिए बड़ा फरमान, सर्टिफिकेट के बाद कांट-छांट का मौका खत्म
क्या है खबर?
मई 2026 में सिनेमैटोग्राफ नियमों में बदलाव कर प्रमाणन की प्राथमिकता योजना हटाई गई थी। अब 3 महीने बाद नियम 33 में एक और बड़ा संशोधन हुआ है। नए नियम के तहत, सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से सर्टिफिकेट मिलने के बाद निर्माता फिल्म में कोई भी बदलाव, कट या जोड़-तोड़ नहीं कर सकेंगे। पहले सेंसर बोर्ड को सूचित करके और मंजूरी लेकर फिल्म में बदलाव करने की अनुमति थी, जिसे अब पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
बदलाव
CBFC ने बदला नियम 33
मई 2026 में सिनेमैटोग्राफ (सर्टिफिकेशन) नियमों में संशोधन कर प्राथमिकता योजना को हटा दिया गया था। इसके 3 महीने बाद अब नियम 33 में एक और बड़ा बदलाव किया गया है।
नए नियम के तहत CBFC से सर्टिफिकेट मिलने के बाद फिल्म निर्माता अपनी फिल्म में कोई भी बदलाव नहीं कर सकेंगे। पहले CBFC को सूचित करके और जरूरी मंजूरी लेकर फिल्म में दृश्य जोड़ने, हटाने या संशोधन करने की छूट मिलती थी, जो अब खत्म कर दी गई है।
नियम
10 अगस्त से लागू हो चुका नया नियम
सूत्रों के मुताबिक, 10 अगस्त से लागू हुए इस नए नियम के बाद निर्माता अब सर्टिफिकेट मिलने के बाद अपनी फिल्म की अवधि कम नहीं कर सकेंगे।
एक सूत्र ने बताया, "अगर किसी निर्माता को लगता है कि फिल्म बहुत लंबी है और वो उसे कुछ मिनट छोटी करना चाहता है तो अब ये विकल्प उपलब्ध नहीं है।"
बता दें कि पहले वाले प्रावधान का इस्तेमाल फिल्म में सबटाइटल जोड़ने के लिए भी किया जाता था।
फाइनल फिल्म
CBFC के पास जमा करनी होगी पूरी तरह तैयार फिल्म
सूत्रों के अनुसार, नियम 33 कागजों में भले ही मौजूद रहेगा लेकिन निर्माता इसका फायदा नहीं उठा सकेंगे। अब निर्देशकों और निर्माताओं को स्पष्ट संदेश है कि वे CBFC के पास अपनी फाइनल फिल्म ही लेकर जाएं।
इस नए बदलाव के चलते फिल्म की अवधि, नए दृश्य जोड़ने या फेरबदल का हर फैसला सर्टिफिकेशन प्रक्रिया से पहले ही लेना होगा। सेंसर बोर्ड से प्रमाणपत्र मिलने के बाद किसी भी बदलाव की गुंजाइश पूरी तरह से खत्म कर दी गई है।