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NEET-UG की पुनर्परीक्षा का रिजल्ट 20 जुलाई को आने की संभावना, शैक्षणिक सत्र में देरी नहीं
NEET-UG की पुनर्परीक्षा का रिजल्ट 20 जुलाई को आने की संभावना

NEET-UG की पुनर्परीक्षा का रिजल्ट 20 जुलाई को आने की संभावना, शैक्षणिक सत्र में देरी नहीं

लेखन गजेंद्र
Jul 02, 2026
03:39 pm

क्या है खबर?

राष्ट्रीय पात्रता सह-प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 की पुनर्परीक्षा का रिजल्ट 20 जुलाई तक आने की संभावना है। यह पुष्टि राष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने की है। मीडिया में एजेंसी के अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि परिणाम जल्द से जल्द जारी करने के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। हालांकि, उन्होंने सटीक तिथि बताने से इनकार कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि NEET की पुनर्परीक्षा से हुई देरी के कारण शैक्षणिक सत्र पर असर नहीं पड़ेगा।

परिणाम

10,000 आपत्तियां मिलीं

टाइम्स ऑफ इंडिया ने NTA के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि सामान्यतः परीक्षा के 45 दिनों के भीतर परिणाम घोषित आते हैं, लेकिन इस बार, चूंकि परीक्षा 37 दिनों में आयोजित की है, इसलिए परिणाम बहुत पहले घोषित कर दिए जाएंगे। बता दें कि NEET पुनर्परीक्षा की अनंतिम उत्तर कुंजी 25 जून को जारी की गई थी और 28 जून तक करीब 10,000 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। सभी आपत्तियों की समीक्षा के बाद परिणाम जारी होगा।

काउंसिलिंग

परिणाम जारी होने के बाद काउंसिंलिग की तारीख आएगी

NEET-UG का परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) 15 प्रतिशत अखिल भारतीय कोटा (AIQ), अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) और अन्य विश्वविद्यालय-कॉलेजों के लिए काउंसिलिंग कार्यक्रम जारी करेगी। राज्य प्रशासन शेष 85 प्रतिशत राज्य कोटा सीटों के लिए काउंसलिंग कार्यक्रम अलग से घोषित करेगा। सीटें NEET रैंक, श्रेणी, आरक्षण नियमों, प्राथमिकताओं और सीटों की उपलब्धता के आधार पर आवंटित होंगी। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले काउंसलिंग प्रक्रिया कई चरणों में आयोजित की जाती है।

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परीक्षा

21 जून को हुई थी दोबारा परीक्षा

NEET-UG 2026 की परीक्षा 3 जून को हुई थी, लेकिन राजस्थान समेत कई राज्यों में पेपर लीक की घटना सामने आने के बाद इसे रद्द कर दिया गया था। परीक्षा में 22 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे। इसके बाद NTA ने 21 जून को दोबारा से परीक्षा आयोजित की थी। हालांकि, पेपर लीक के बाद केंद्र सरकार को काफी विरोध झेलना पड़ा। परीक्षा के आयोजन के लिए भारतीय वायुसेना की मदद ली गई और प्रश्न पत्र पहुंचाए गए।

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