1 जुलाई से लागू होंगे ये वित्तीय बदलाव, जानिए लोगों पर क्या होगा असर
क्या है खबर?
1 जुलाई से कई अहम वित्तीय बदलाव लागू होंगे। इनका असर करदाताओं, बैंक ग्राहकों, क्रेडिट कार्ड धारकों, पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वालों और आधार कार्ड धारकों पर पड़ेगा। इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने और आधार ईमेल अपडेट की सुविधा से लेकर क्रेडिट कार्ड के बदले हुए फायदे, पासपोर्ट फीस और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए बैंकिंग नियमों में बदलाव देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं इन बदलावों का आम लोगों पर क्या असर होगा।
टैक्स समय-सीमा
ITR-1 और ITR-2 के लिए नई समय-सीमा
ITR-1 और ITR-2 फॉर्म भरने वाले करदाताओं के पास वित्तीय वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए अपना इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए 31 जुलाई तक का समय होगा। इस समय-सीमा का पालन न करने पर जुर्माना लग सकता है, कुछ इनकम टैक्स सिस्टम चुनने पर रोक लग सकती है और योग्य नुकसान को भविष्य के आकलन वर्ष में आगे ले जाने पर सीमाएं लग सकती हैं। इसलिए, करदाता समय-सीमा का ध्यान रखें।
आधार अपडेट
दिसंबर तक फ्री आधार ईमेल अपडेट
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) 1 जुलाई से आपके आधार कार्ड पर रजिस्टर्ड ईमेल एड्रेस को अपडेट करने के लिए लगने वाली 75 रुपये की फीस माफ कर देगा। यह सुविधा 6 महीने तक यानि 31 दिसंबर तक फ्री रहेगी। एक आधिकारिक नोटिफिकेशन में कहा गया है, "आधार मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए ईमेल एड्रेस अपडेट करने की सर्विस के लिए लगने वाले शुल्क (75 रुपये) को माफ करने और इसे मुफ्त करने का फैसला किया गया है।"
क्रेडिट कार्ड अपडेट
क्रेडिट कार्ड के फायदों में बदलाव
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) 1 जुलाई से चुनिंदा फोनपे SBI क्रेडिट कार्ड के लिए अपने रिवॉर्ड पॉइंट प्रोग्राम में बदलाव करेगा। इस बदलाव का असर फोनपे SBI क्रेडिट कार्ड पर्पल और फोनपे SBI क्रेडिट कार्ड सेलेक्ट ब्लैक धारकों पर पड़ेगा। इसमें रिवॉर्ड पॉइंट कमाने की नई सीमाएं और उन लेन-देन की लंबी सूची शामिल होगी, जिन पर रिवॉर्ड पॉइंट नहीं मिलेंगे। HDFC क्रेडिट कार्ड धारकों को हर कैलेंडर तिमाही में 3 बार घरेलू एयरपोर्ट लाउंज में फ्री प्रवेश मिलेगा।
अन्य बदलाव
ये और जरूरी बदलाव भी होंगे लागू
विदेश मंत्रालय ने सामान्य और तत्काल पासपोर्ट (भारत और विदेश में) के लिए सर्विस फीस बढ़ा दी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों को वित्तीय उत्पादों की गलत तरीके से बिक्री करने से रोकने के लिए नए नियम भी जारी किए हैं। इस फ्रेमवर्क के तहत, जिन ग्राहकों को गलत तरीके से उत्पाद बेचे गए हैं, वे पूरे रिफंड और नुकसान के लिए मुआवजे के हकदार होंगे। ये नियम भी 1 जुलाई से लागू होंगे।