TCS के लैपटॉप में मॉनिटरिंग टूल से सुरक्षा और कर्मचारियों की गोपनीयता पर उठे सवाल
क्या है खबर?
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) द्वारा कर्मचारियों को दिए गए लैपटॉप में मॉनिटरिंग टूल लगाए जाने के बाद डाटा सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, यह टूल कर्मचारियों के लैपटॉप में इस्तेमाल किए जा रहे ऐप और उन पर बिताए गए समय की जानकारी देख सकता है। इससे यह चिंता बढ़ी है कि तकनीक का इस्तेमाल सिर्फ सिस्टम और डाटा की सुरक्षा के लिए हो रहा है या गतिविधियों पर नजर रखने के लिए।
इस्तेमाल
डाटा सुरक्षा के लिए किया जा सकता है इस्तेमाल
इस टूल के इस्तेमाल को लेकर फिलहाल दो संभावनाएं सामने आ रही हैं। पहली, कंपनी इसका उपयोग डाटा लीक रोकने और तकनीकी समस्याओं का पता लगाने के लिए कर सकती है।
दूसरी, इससे कर्मचारियों के काम से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी भी मिल सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे टूल से पता लगाया जा सकता है कि कोई ऐप सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं और कर्मचारी उस पर कितना समय बिता रहे हैं।
सवाल
कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर का सवाल
टूल को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि इससे मिलने वाली जानकारी किसके पास पहुंचती है और उसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है।
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि डाटा केवल IT और सुरक्षा टीमों के लिए इकट्ठा किया जा रहा है या मैनेजर भी इसे देख सकते हैं।
TCS में करीब छह लाख कर्मचारी हैं, इसलिए इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी जुटाना और संभालना भी बड़ी चुनौती हो सकती है।
मामला
जेडस्केलर साझेदारी से भी जुड़ा है मामला
यह खबर TCS की साइबर सुरक्षा कंपनी जेडस्केलर के साथ साझेदारी बढ़ाने के कुछ महीने बाद सामने आई है।
TCS ने जेडस्केलर की तकनीक के साथ वर्कस्पेस एक्सपीरियंस स्टूडियो शुरू किया था। इसमें डिजिटल कामकाज की निगरानी, सुरक्षा और AI आधारित विश्लेषण जैसी सुविधाएं शामिल हैं। हालांकि, यह अभी साफ नहीं है कि कर्मचारियों के लैपटॉप में लगाया गया मॉनिटरिंग टूल इसी तकनीक से जुड़ा है या नहीं।
कंपनी ने डाटा पर कोई साफ जानकारी नहीं दी है।