रियाद का किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 17 तक बंद, कई एयरलाइंस ने उड़ान रद्द की
क्या है खबर?
सऊदी अरब के रियाद में किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को हूती हमले के बाद शनिवार 17 अक्टूबर तक के लिए बंद कर दिया गया है। रॉयटर्स के मुताबिक, अमीरात, एतिहाद, फ्लाईदुबई, एयर अरबिया और कतर एयरवेज ने रियाद, दम्माम और सऊदी अरब के अन्य शहरों के लिए अपनी उड़ानें रद्द या स्थगित कर दी हैं। लुफ्थांसा ग्रुप, एयर फ्रांस-केएलएम और डेल्टा ने भी अपनी योजनाओं में बदलाव किया है। भारतीय एयरलाइंस इंडिगो ने भी उड़ानें रद्द की हैं।
उड़ान
इंडिगो ने सऊदी अरब के कई शहरों की उड़ानें रोकीं
इंडिगो ने मंगलवार को यात्रा सलाह जारी कर बताया, 'सऊदी अरब में बदलती स्थिति के कारण, रियाद, जेद्दा, दम्माम और मदीना से आने-जाने वाली सभी उड़ानें 17 अक्टूबर तक रद्द कर दी गई हैं। बुकिंग के समय दिए गए संपर्क विवरण पर समय-समय पर अपडेट भेजे जा रहे हैं।'
एयरलाइंस ने कहा कि सहायताता टीम किसी भी प्रश्न या चिंता में आपकी सहायता के लिए उपलब्ध है और सुरक्षित संचालन के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय में हैं।
असर
अब तक कितनी उड़ानों पर पड़ा असर
गल्फ न्यूज ने सिरियम के हवाले से बताया कि रविवार को सऊदी हवाई अड्डों से उड़ान भरने वाली 1,096 उड़ानों में से 56.84 प्रतिशत यानी 623 उड़ानें रद्द हो गईं या संचालित नहीं हुईं।
रियाद में 354 में से 353 उड़ानें संचालित नहीं हुईं। सोमवार को सभी सऊदी हवाई अड्डों पर रद्द उड़ानों का प्रतिशत 46.4 रहा।
8 से 13 अक्टूबर के बीच 6,608 उड़ानों में से 2,018 उड़ानें यानी 30.54 प्रतिशत रद्द कर दी गईं या संचालित नहीं हुईं।
सलाह
अमेरिका और यूरोप ने सलाह जारी की
अमेरिकी संघीय विमानन प्रशासन ने अमेरिकी एयरलाइनों को सऊदी अरब की यात्रा करते समय या उसके ऊपर से उड़ान भरते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।
यूरोपीय संघ की विमानन सुरक्षा एजेंसी ने सऊदी हवाई क्षेत्र पर अपनी चेतावनी का दायरा बढ़ा दिया है।
एयरलाइंस को सुरक्षा संबंधी सलाह देने वाली कंपनी ने मध्य पूर्व के ऊपर से दक्षिणी मार्ग से जाने से बचने और इसके बजाय मध्य एशिया के ऊपर से उड़ान भरने की सलाह दी है।
हमला
हमले में मारे गए 18 लोग
रियाद के हवाई अड्डे पर शनिवार को हुए हमले में 18 लोग मारे गए और 300 से अधिक घायल हो गए, जिसके बाद से हवाई अड्डा बंद है।
हमला सऊदी अरब में एक दशक से अधिक समय का सबसे घातक हमला था। यमन के हूती विद्रोही लगातार सऊदी को निशाना बना रहे हैं।
सऊदी अरब ने भी हमलों से पहले कोई सार्वजनिक चेतावनी जारी नहीं की। नागरिक सुरक्षा प्राधिकरण ने 29 सितंबर के बाद सोमवार को पहला अलर्ट जारी किया।