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किम जोंग उन ने किया अमेरिका तक मार करने वाली 'ह्वासोंग-20' मिसाइल का प्रदर्शन
किम जोंग उन ने किया अमेरिका तक मार करने वाली 'ह्वासोंग-20' मिसाइल का प्रदर्शन

किम जोंग उन ने किया अमेरिका तक मार करने वाली 'ह्वासोंग-20' मिसाइल का प्रदर्शन

Oct 13, 2026
06:20 pm

क्या है खबर?

उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने देश के नवनिर्मित राष्ट्रीय रक्षा क्रांति संग्रहालय का उद्घाटन करते हुए अपनी सबसे आधुनिक परमाणु मिसाइलों का प्रदर्शन किया है। इसमें 'ह्वासोंग-20' इंटरकॉन्टिनेंटली बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) ने सभी का ध्यान आकर्षित किया, जो अमेरिका के मुख्य भूभाग तक परमाणु हमला करने में पूरी तरह सक्षम है। यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नवंबर किम से मुलाकात करने के संकते दिए हैं।

तकनीक

वैश्विक मानचित्र और मल्टीपल वॉरहेड तकनीक

संग्रहालय में एक विश्व मानचित्र प्रदर्शित किया गया था, जिसमें उत्तर कोरिया की मिसाइल रेंज को अमेरिका के मुख्य भूभाग के अलावा मध्य पूर्व, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका तक फैला हुआ दिखाया गया है।

कोरिया रक्षा और सुरक्षा मंच के महानिदेशक शिन जोंग-वू के अनुसार, ह्वासोंग-20 में लगा डिजाइन संकेत देता है कि यह मिसाइल एक साथ कई परमाणु हथियारों को ले जाने और अलग-अलग ठिकानों को तबाह करने की क्षमता से लैस है।

उद्देश्य

उपलब्धियों को उजागर करने के उद्देश्य से बनाई प्रदर्शनी

शिन ने कहा, "यह प्रदर्शनी किम के रक्षा विज्ञान विकास कार्यक्रम की उपलब्धियों को उजागर करने के उद्देश्य से बनाई गई प्रतीत होती है। इससे ऐसा लगता है मानो यह उत्तर कोरिया-अमेरिका शिखर सम्मेलन से पहले रणनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए प्रचार का एक प्रयास हो।"

विश्लेषकों ने कहा कि यह संग्रहालय किम द्वारा उत्तर कोरिया के हथियारों के प्रदर्शन को शासन की सैन्य उपलब्धियों के स्थायी प्रतीकों के रूप में स्थापित करने का प्रयास है।

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यात्रा

ट्रम्प की संभावित यात्रा और रणनीतिक दांव

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने गत दिनों वाशिंगटन में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि वे 18-19 नवंबर को चीन के शेनझेन में होने वाले APEC शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए एशिया आ सकते हैं और इस दौरान किम से बातचीत संभव है।

विशेषज्ञों का मानना है कि किम ने वार्ता की मेज पर मजबूत स्थिति हासिल करने के लिए स्थायी रूप से इस घातक मिसाइल को राष्ट्रीय संग्रहालय में स्थापित किया है।

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