दुनिया के 2 सबसे बुजुर्ग पुरुषों का एक साथ होता है जन्मदिन, एक-दूसरे को भेजे कार्ड
क्या है खबर?
ब्राजील के रहने वाले जोआओ मारिन्हो नेटो दुनिया के सबसे बुजुर्ग पुरुष हैं। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के केन वीक्स दूसरे सबसे बुजुर्ग पुरुष हैं। बीते सोमवार को दोनों के जीवन का सबसे खास दिन एक साथ पड़ा। जी हां, आपको जानकर हैरानी होगी कि इन दोनों का जन्मदिन एक साथ होता है। सोमवार को नेटो 114 और वीक्स 113 साल के हो गए, जिसकी खुशी में दोनों ने एक दूसरे को जन्मदिन की बधाई देने वाले कार्ड भेजे।
जन्म
दुनिया में पहली बार हुआ कुछ ऐसा
यह एक अनोखा संयोग है कि दोनों का जन्मदिन एक ही तारीख को है, बस उनके बीच एक साल का अंतर है। वीक्स का जन्म 5 अक्टूबर, 1913 को ग्राफ्टन में हुआ था।
इससे एक साल पहले और 14,000 किलोमीटर दूर सेअरा राज्य के मारंगुआपे में नेटो का जन्म हुआ था।
बुजुर्गों की देखभाल करने वाली गैर-लाभकारी संस्था 'व्हिडन' ने प्रेस रिलीज में कहा, "दुनिया के 2 सबसे बुजुर्ग पुरुषों ने जन्मदिन के कार्ड साझा किए, जो पहली बार हुआ।"
तस्वीरें
दोनों की तस्वीरें जीत रही हैं दिल
दोनों की जन्मदिन की बधाई देने वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर छा रही हैं। इनमें दोनों एक दूसरे की तस्वीरों वाले कार्ड पकड़े नजर आ रहे हैं, जिनपर जन्मदिन की बधाई लिखी है।
दोनों को जब जन्मदिन वाले कार्ड मिले तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। नेटो से जन्मदिन का खास संदेश पाकर वीक्स बहुत खुश थे।
इसके जवाब में उन्होंने नेटो का शुक्रिया अदा करते हुए और उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए एक वीडियो भी बनाया था।
नेटो
नेटो 2024 से हैं दुनिया के सबसे उम्रदराज व्यक्ति
नेटो को दुनिया के सबसे बुजुर्ग पुरुष होने का खिताब नवंबर 2024 को मिला था, जब वह 112 साल के थे। बता दें कि वह वर्तमान में दुनिया के 10वें सबसे उम्रदराज व्यक्ति हैं।
वह इतिहास के उन 9 पुरुषों में से एक हैं, जो 114 साल की उम्र तक पहुंच सके हैं। वह अब तक के सबसे उम्रदराज ब्राजीलियाई पुरुष भी हैं और ब्राजील के 13वें सबसे बुजुर्ग व्यक्ति हैं।
वीक्स
वीक्स का जीवन है प्रेरणा का स्त्रोत
वीक्स 2018 में अपने 105वें जन्मदिन से ठीक पहले से विडन ग्राफ्टन में रह रहे हैं। कामकाजी जिंदगी के दौरान उन्होंने सड़कें बनाईं, ट्रक और बसें चलाईं, सर्विस स्टेशन, रेडियो व इलेक्ट्रिकल रिपेयर का बिजनेस, मिल्क बार, कार डीलरशिप और रिपेयर बिजनेस भी चलाया।
उन्होंने दूसरे विश्व युद्ध के समय के हवाई अड्डों के निर्माण में भी मदद की थी। 100 साल की उम्र तक वह आराम से चल-फिर सकते थे और अपने सभी काम करते थे।