दुबई में ट्रक चलाने वाले पंजाबी व्यक्ति की चमकी किस्मत, जीती 1.3 करोड़ रुपये की लॉटरी
क्या है खबर?
18 सालों से दुबई में रहकर ट्रक चलाने वाले एक पंजाबी व्यक्ति की किस्मत चमक गई है। दरअसल, इस व्यक्ति ने अबू धाबी बिग टिकट के एक ड्रॉ में 1.3 करोड़ रुपये की लॉटरी जीत ली है। व्यक्ति का नाम कुलवंत सिंह है, जिन्होनें अपने 5 दोस्तों के साथ मिलकर यह लॉटरी जीती है। सालों तक किस्मत आजमाने के बाद आखिरकार उन्हें फल मिल ही गया। आइए इस मामले के बारे में विस्तार से जानते हैं।
मामला
2 साल से लॉटरी में आजमा रहे थे किस्मत
कुलवंत अपने परिवार के साथ दुबई के जेबेल अली इलाके में रहते हैं और 2 साल से लॉटरी टिकट खरीद रहे थे।
उनको कई साल पहले ऑनलाइन वीडियो के जरिए इस ड्रॉ के बारे में पता चला था और उन्होंने दोस्तों संग मिलकर इसमें अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया।
उन्होंने अपना आखरी टिकट बिना कुछ सोचे ही चुना था। हालांकि, इसी टिकट ने उनके दोस्तों और उन्हें इतनी बड़ी खुशखबरी दे दी।
रकम
सभी दोस्तों में बंटेगी जीत की रकम
जीतने के बाद कुलवंत की खुशी का ठिकाना नहीं था।
उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा, "जब मुझे पता चला कि हम जीत गए हैं तो मुझे बहुत खुशी हुई। हम हर महीने साथ में टिकट खरीदते हैं, इसलिए आखिरकार यह अच्छी खबर मिलना बहुत शानदार एहसास था।"
लॉटरी में जीती गई रकम को सभी दोस्तों के बीच बराबर-बराबर बांटा जाएगा। कुलवंत अपना हिस्सा अपने परिवार के लिए रखेंगे और घर ठीक करवाने में लगाएंगे।
मुहम्मद इजाज
लॉटरी में चमकी इस अन्य भारतीय की भी किस्मत
कुलवंत के अलावा एक अन्य भारतीय व्यक्ति ने भी लॉटरी जीती है। केरलम के यह 30 साल के इंजीनियर पिछले 7 सालों से परिवार के साथ अजमान में रह रहे हैं।
उन्होंने अपने बेटे के जन्मदिन की तारीख और महीने को मिलाकर लॉटरी टिकट खरीदा था और 26 लाख रुपये की रकम जीत ली। उन्हें यूट्यूब और इंस्टाग्राम के जरिए लॉटरी का पता चला था और अपने 10 दोस्तों संग मिलकर उन्होंने इसमें हिस्सा लिया था।
जीत
2 अन्य व्यक्तियों की भी लगी लॉटरी
लॉटरी में सेतवान कुमार चौहान नाम के भारतीय व्यक्ति ने भी 26 लाख रुपये जीते। उनके अलावा अजित कुमार वन्नारथ ने भी 65 लाख रुपये की लॉटरी जीती, जो 54 साल के दस्तावेज नियंत्रक हैं।
वह केरलम से आते हैं और पिछले 10 सालों से ओमान में रह रहे हैं। दोस्तों और विज्ञापनों के जरिए इस लॉटरी के बारे में जानने के बाद से ही एक दशक से अजित अपने 10 दोस्तों के साथ मिलकर टिकट खरीद रहे हैं।